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‘विकसित भारत-जी राम जी ग्रामीण’ मिशन की तैयारी शुरू, 125 दिन रोजगार की गारंटी, पंचायतों को अभी से योजना चयन का निर्देश
Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत भारत सरकार की नई महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन जी राम जी ग्रामीण को धरातल पर उतारने की दिशा में तैयारी तेज कर दी गई है। इसको लेकर मंगलवार को मनरेगा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता मनरेगा पीओ बबलू कुमार ने की। बैठक में पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत स्तरीय कर्मी, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा प्रखंड क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मनरेगा पीओ बबलू कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026 27 से जी राम जी ग्रामीण योजना को प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिन तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जिससे ग्रामीण गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद परिवारों को स्थायी आय का सहारा मिलेगा।

उन्होंने योजना की विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस मिशन के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं जल से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाएगा।
इसके अलावा आजीविका के अवसरों का विस्तार, अनुकूलन क्षमता एडाप्टेशन कैपेसिटी में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, बेरोजगारी कम करने तथा पलायन जैसी गंभीर समस्याओं पर रोक लगाने में मील का पत्थर साबित होगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावित सभी योजनाओं का पंजीकरण जी राम जी ग्रामीण के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराना होगा। पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही संबंधित कार्य योजना के मद में राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसलिए पंचायत स्तर पर योजना का चयन कर समय से पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक है।
पीओ ने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अभी से पंचायतों में योजनाओं की पहचान करें और जनप्रतिनिधियों को योजना की जानकारी देकर उन्हें वाकिफ कराएं। मनरेगा पीओ बबलू कुमार ने बताया कि आम जनता तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न जागरूकता माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।
इसके माध्यम से ग्रामीणों को योजना के लाभ, पात्रता, रोजगार के अवसर और प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। बैठक के दौरान योजना के तहत संचालित होने वाले कार्यों, मजदूरी भुगतान प्रक्रिया, जॉब कार्ड जारी करने की व्यवस्था, कार्य दिवसों की संख्या, सामाजिक अंकेक्षण तथा पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को न्यूनतम निर्धारित दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपने गांव में ही काम मिल सके। उन्होंने कहा कि इस योजना से गांवों से होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि गांवों में जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
बैठक में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे योजना से संबंधित सही और सटीक जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं, ताकि कोई भ्रम न फैले और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ ही बताया गया कि आने वाले समय में प्रखंड और पंचायत स्तर पर ‘विकसित भारत-जी राम जी ग्रामीण’ योजना को लेकर विशेष जागरूकता अभियान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत-जी राम जी ग्रामीण’ योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ी पहल बताते हुए अधिकारियों ने इसे ग्रामीण गरीबों के लिए उम्मीद की नई किरण करार दिया। मौके पर पीआरएस शंभू प्रसाद, जगदीश पासवान, रोशन कुमार, हरिशंकर सहनी, अरविंद दास, अभिमन्यु कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, कपिल देव तादी, विजय कुमार, शिव कुमार कश्यप, शंभू कुमार यादव, नरोत्तम मिश्रा, दीपक कुमार, नवीन कुमार आदि मौजूद थे।






