डीएम एवं एसपी ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक​

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डीएम एवं एसपी ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक​

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर
​ समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी  रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक  अरविंद प्रताप सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संचालन हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी जोनल दंडाधिकारी, गश्ती दल दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

​बैठक के मुख्य अंश:
​1. सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था:
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित होगा। गश्ती दल को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा शुरू होने से पूर्व और समाप्ति तक निरंतर भ्रमणशील रहेंगे।
​2. कदाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’:
पुलिस अधीक्षक  अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा की शुचिता से समझौता करने वाले असामाजिक तत्वों और नकल माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

​3. फ्रिस्किंग (जांच) की कड़ाई:
प्रत्येक परीक्षार्थी की दो चरणों में गहन तलाशी ली जाएगी। केंद्र के मुख्य द्वार पर दंडाधिकारियों की उपस्थिति में सघन जांच होगी ताकि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अंदर ले जाने से रोका जा सके।

​4. बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता:
जिलाधिकारी द्वारा सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि केंद्रों पर पेयजल, प्रकाश, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
​अधिकारियों को विशेष निर्देश:
​समय की पाबंदी: परीक्षार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही प्रवेश दिया जाए।
​सीसीटीवी निगरानी: सभी संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विशेष निगरानी रखी जाएगी।

​रिपोर्टिंग: जोनल दंडाधिकारी प्रत्येक पाली की समाप्ति के बाद अपनी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को प्रेषित करेंगे।

​जिलाधिकारी का संदेश: “हमारा लक्ष्य समस्तीपुर जिले में एक आदर्श परीक्षा वातावरण तैयार करना है। अभिभावकों और परीक्षार्थियों से अपील है कि वे परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।”

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