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विकसित भारत @2047 के संदर्भ में रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी (वीबी–जी राम जी): अवसर, चुनौतियाँ और संभावनाएँ पर सेमिनार
Doorbeen News Desk: वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर में आज महाविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग द्वारा एक विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था— “विकसित भारत @2047 के संदर्भ में रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी (वीबी–जी राम जी): अवसर, चुनौतियाँ और संभावनाएँ”। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. अरूण कुमार कर्ण ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, वंदना एवं स्वागत गान के साथ हुआ। अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो. अरूण कुमार कर्ण ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार और आजीविका के स्थायी अवसर सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने ऐसे शैक्षणिक विमर्शों को विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

सेमिनार के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बिन्ध्याचल साह, सहायक प्राध्यापक (वरीष्ठ), अर्थशास्त्र, बी.आर.बी. कॉलेज, समस्तीपुर ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण रोज़गार और आजीविका की गारंटी न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक समानता और समावेशी विकास की मजबूत नींव भी है। उन्होंने नीति-स्तर पर इसके अवसरों, व्यावहारिक चुनौतियों और दीर्घकालिक संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
।विषय-प्रवेश कराते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि “विकसित भारत @2047” का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया जाए और रोज़गार को अधिकार के रूप में देखा जाए। उन्होंने सेमिनार के उद्देश्य और विषय की प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. सोनी सलोनी ने कहा कि वीबी जी राम जी से ग्रामीण लोगो की प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी।
कार्यक्रम के अंत में अर्थशास्त्री डॉ. रिंकी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ग्रामीण भारत के लिए केवल एक रोजगार कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्थायी विकास की मजबूत आधारशिला है।
समाजशास्त्री डॉ. रंजन कुमार ने कहा कि वीबी जी राम जी से गांव समृद्ध होगा।

सेमिनार के दौरान छात्राओं बुशरा प्रवीन, तृप्ति मिश्रा, ज्योति गुप्ता, पुष्पा रानी, खुशबू, कोमल, श्वेता, पूजा, निशा, अर्चना, रेखा, प्रीति, पुष्पम, सुषमा, दीपा, अनुराधा, दिव्या, काजल, नंदनी सहित अन्य छात्राओं ने विषय से संबंधित रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का संचालन छात्रा नूतन कुमारी ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. सोनी सलोनी, डॉ. मधुलिका मिश्रा, डॉ. सुरेश साह, डॉ. नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ. कविता वर्मा, डॉ संगीता, डॉ. अपूर्वा मुले, डॉ. रंजन कुमार, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ पर्णम शर्मा, डॉ. मृत्युंजय कुमार ठाकुर, डॉ. आभा कुमारी, डॉ. सोनल कुमारी, डॉ. स्वीटी दर्शन, डॉ रेखा कुमारी, डॉ. कुमारी शबनम, नीरज प्रसाद, डॉ. नवेश कुमार, डॉ. श्वाति कुमारी, डॉ. शहनाज आरा, लालिमा सिन्हा, चंचल कुमारी, डॉ मीना कुमारी ब्राह्मणी, कस्तूरीका कानन शामिल थीं। साथ ही अर्थशास्त्र विभाग के सभी सेमेस्टर की छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
सेमिनार का समापन सफल एवं सार्थक अकादमिक विमर्श के साथ हुआ।




