पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू की जीती सीटों पर भी इस बार पार्टी के कई दावेदार 

व्हाट्सएप से जुड़ने के लिये यहां क्लीक करें

पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू की जीती सीटों पर भी इस बार पार्टी के कई दावेदार 

Doorbeen News Desk: पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू की जीती सीटों पर भी इस बार पार्टी के कई दावेदार हैं। इनमें कई तो काफी मजबूत और प्रभावी दावेदार हैं। इसके कारण कई विधायकों की नींद उड़ी हुई है। उन्हें आशंका है कि इनके कारण इस बार उनकी टिकट ही न कहीं कट जाए। इसके बाद बड़े नेताओं के पास उनकी दौड़ शुरू हो गयी है। उनका प्रयास है कि किसी सूरत में उनकी टिकट न कटे।

जदयू ने पिछले विधानसभा चुनाव में 115 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे केवल 43 सीटों पर ही जीत मिली थी। इस बार इन जीती सीटों पर कई दावेदार सामने आए हैं। उन्होंने पार्टी को अपना बायोडाटा भी सौंपा है। इसमें उन्होंने मौजूदा विधायक से खुद को बेहतर बताया है। यही नहीं उन्होंने यह भी बताया है कि वे क्यों बेहतर हैं। वे कैसे उस सीट को जीत सकते हैं और वही जीत सकते हैं। कुछ सीटें तो ऐसी हैं जहां आधे दर्जन से अधिक मजबूत दावेदार हैं। इन सबने न केवल अपनी दावेदारी ठोकी है, बल्कि सामाजिक समीकरण के आधार पर खुद को सबसे अच्छा उम्मीदवार बताया है।

इनमें से कई नाम ऐसे हैं जिन्होंने पिछली बार संबंधित विधायकों की जीत के लिए काम किया था और उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। यही विधायकों के लिए समस्या है। जिनके बूते जीते, अब वे ही टिकट के लिए ताल ठोक रहे हैं। कुछ लोगों की दावेदारी को बड़े नेताओं का संरक्षण भी मिल रहा है। लिहाजा, विधायक परेशान हैं। उन्हें आशंका है कि इससे उनकी उम्मीदवारी प्रभावित न हो जाए और वे बेटिकट न हो जाएं। इसीलिए पार्टी के बड़े नेताओं के यहां पहुंचने लगे हैं। पार्टी के लिए अपनी निष्ठा और समर्पण की दुहाई भी दे रहे हैं। उधर, पार्टी अपने सभी विधायकों का आंतरिक सर्वे करवा रही है। इसमें उनके कामकाज से लेकर क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और उनके द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी ली जा रही है।

सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने में उनकी भूमिका की भी परख की जा रही है।

इन सबसे बढ़कर तो इस बात की जमीनी जांच हो रही है कि उनकी जीत की संभावना कैसी है? इस सर्वे में यह भी देखा जा रहा है कि सीटिंग विधायकों का अपना प्रदर्शन कैसा है? वे सिर्फ नीतीश कुमार के नाम पर जीत की रेस में हैं या अपना भी कुछ आधार बनाया है। वे विधायक रहते लोकप्रिय हैं या फिर एनडीए उम्मीदवार के रूप में। आम जनता उनके कार्यों से खुश है या नहीं?

इन सब मुद्दों पर पार्टी के सर्वेक्षण के बाद विधायकों का भविष्य तय होगा। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर कुछ विधायकों की टिकटें कट सकती हैं। खासकर ऐसे विधायक जो सिर्फ नीतीश कुमार के नाम पर ही वैतरणी पार करने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि सर्वे में पार्टी अंत में यह अवश्य देखेगी कि जीत की गारंटी किसके साथ है। टिकट भी उन्हें ही मिलेगा। इसके लिए पार्टी अपना प्रत्याशी बदलने से परहेज नहीं करेगी। पार्टी को जीत दिलवाने की पक्की संभावना वाल विधायकों की टिकट भी पक्की है।