सड़क और रेल सुरक्षा पर केंद्रित ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम का आयोजन, बच्चों को किया गया जागरूक

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सड़क और रेल सुरक्षा पर केंद्रित ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम का आयोजन, बच्चों को किया गया जागरूक

Doorbeen News Desk: मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत ‘सुरक्षित शनिवार’ का आयोजन बड़ी ही जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ किया गया। इस बार सितम्बर माह के दूसरे शनिवार का विषय था सड़क/रेल दुर्घटना एवं सुरक्षा नियम। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सड़क और रेल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी देना था।

आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष बिहार में 5,000 से 7,000 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में चली जाती है। यह आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह बताता है कि सड़क पर थोड़ी सी असावधानी भी किसी की जान ले सकती है। इसीलिए, इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह समझाया गया कि जब हम सड़क पर होते हैं, तो एक तरह की अदृश्य आपदा हमारे साथ चल रही होती है, जिससे सावधानी और नियमों का पालन ही बचा सकता है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को कई महत्वपूर्ण बातें बताईं, जैसे सड़क पार करते समय हमेशा ज़ेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग करें।

ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें और कभी भी जल्दबाज़ी में सड़क पार न करें। रेलवे फाटक पार करते समय हमेशा सिग्नल और फाटक की स्थिति का ध्यान रखें, कभी भी बंद फाटक पार न करें।
रेल से सफर करते समय खिड़की या दरवाज़ों से बाहर सिर या हाथ न निकालें। साइकिल चलाते समय सड़क के किनारे चलें और हमेशा दोनों हाथों से हैंडल पकड़े रहें।
दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अनिवार्य है चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए।

किसी भी वाहन को चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, विशेष रूप से सेल्फी लेना, बेहद खतरनाक हो सकता है और इससे जान भी जा सकती है। नियमों का पालन करना कोई बोझ नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का माध्यम है।
प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवारा, मध्य विद्यालय बुनियादपुर, मध्य विद्यालय शिवाजीनगर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामभद्रपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जंदाहा, मध्य विद्यालय बल्लीपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय परशुराम, उपक्रमित मध्य विद्यालय बांदा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रहटोली, एवं अन्य विद्यालयों – जैसे प्राथमिक विद्यालय बंधार, पुरन्दाही, धोबियाही, जगदर, कनखरिया, लालपुर आदि में इस कार्यक्रम को सफलता पूर्वक आयोजित किया गया।

इस अवसर पर पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, राजकुमार राय, मदन कुमार, जैनुद्दीन, सरिता कुमारी, प्रदीप कुमार, सतनारायण आर्य, दर्शन मंडल, प्रमोद पासवान, रामनाथ पंडित, विक्रम सैनी, विवेकानंद चौधरी, पारस नाथ महाराज, अवधेश कुमार चौधरी, अशोक कुमार, कोमल कुमारी, बिहारी दास समेत कई शिक्षक और अभिभावक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बच्चों ने पोस्टर, नाटक, कविताओं और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से सड़क और रेल सुरक्षा के प्रति अपनी जागरूकता को दर्शाया।

कुछ विद्यालयों में बच्चों ने छोटे-छोटे नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार लापरवाही दुर्घटना का कारण बनती है और सावधानी से हम अपने साथ-साथ दूसरों की जान भी बचा सकते हैं।

सुरक्षित शनिवार जैसे कार्यक्रम बच्चों को जीवन कौशल की शिक्षा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह जरूरी है कि ऐसी पहलें नियमित रूप से होती रहें ताकि बच्चों में छोटी उम्र से ही सुरक्षा के प्रति सजगता आए। थोड़ी सी सावधानी और नियमों का पालन हमें एक सुरक्षित समाज की ओर ले जा सकता है।