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बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड का पुनगर्ठन, मृत्युंजय झा बने अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद भी पुनर्गठन
दूरबीन न्यूज डेस्क। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड का पुनर्गठन कर कर दिया गया। शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष मृत्युंजय झा सहित 11 सदस्य हैं। इसमें दो विधायक और एक विधान पार्षद भी हैं।


विधायकों में रामप्रीत पासवान और विनय कुमार चौधरी हैं, जबकि विधान पार्षद निवेदिता सिंह भी सदस्य बनायी गई हैं। बोर्ड में संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति या उनके द्वारा नामित एक सदस्य के साथ शिक्षा विभाग के निदेशक या विशेष निदेशक या कोई अन्य पदाधिकारी जिसे धार्मिक भाषाई अल्पसंख्यक या प्राच्य शिक्षा की जिम्मेदारी सौपी गई हो। बोर्ड में ये दो पदेन सदस्य होंगे। अन्य सदस्यों में बेगूसराय के चंद्र किशोर कुमार, दरभंगा के अरूण कुमार झा, जमुई के धनेश्वर प्रसाद कुशवाहा, समस्तीपुर के शिक्षक दुर्गेश कुमार राय और मधुबनी के शिक्षक अनुरंजन कुमार झा शामिल हैं।

शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड को अधिसूचना जारी होने की तिथि से तीन वर्षों के लिए पुनर्गठित किया गया है।
पुनर्गठित बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद
अध्यक्ष : प्रो. रणवीर नंदन
सदस्य : हरिभूषण ठाकुर बचौल, स्व. किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल, पटना के दयानंद कुमार, वैशाली के विश्वमोहन दास, पटना के अधिवक्ता आनंद कुमार, बोधगया के विवेकानंद गिरी, पूर्वी चंपारण के हिमराज राम, गया के चंदन कुमार सिंह, दरभंगा के रामबहादुर सिंह और सीवान के अभिमन्यु कुमार सिंह।






