पूर्व मध्य रेल द्वारा 2024-25 के दौरान 24 करोड़ से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 14.68 प्रतिशत अधिक

व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने के लिए यहां क्लीक करें

पूर्व मध्य रेल द्वारा 2024-25 के दौरान 24 करोड़ से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 14.68 प्रतिशत अधिक

दूरबीन न्यूज डेस्क। पूर्व मध्य रेल द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गयी है । इस कड़ी में 2024-25 में पूर्व मध्य रेल 31,575 करोड़ रूपए की प्रारंभिक आय के साथ भारतीय रेल में प्रथम स्थान पर रही । साथ ही यात्री यातायात से प्राप्त रेल राजस्व के क्षेत्र में भारतीय रेल में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 4602 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 के 4088 करोड़ रूपए की तुलना में 12.56 प्रतिशत अधिक है । इस प्रकार पूर्व मध्य रेल ने 12.56 प्रतिशत पैसेंजर रेवेन्यू ग्रोथ दर के साथ भारतीय रेल पर सर्वाधिक पैसेंजर रेवेन्यू ग्रोथ दर प्राप्त करने वाला प्रथम क्षेत्रीय रेल बनने का गौरव हासिल किया है । माल ढुलाई में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए पूर्व मध्य रेल ने 202.63 मीलियन टन माल ढुलाई कर भारतीय रेल के प्रथम चार क्षेत्रीय रेलों में शामिल होने का गौरव हासिल किया है । इसके साथ ही यात्री परिवहन के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड कायम करते हुए 2024-25 के दौरान 24 करोड़ से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 14.68 प्रतिशत अधिक है ।

पूर्व मध्य रेल की इन उपलब्धियों पर महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी । उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेल की इन उपलब्धियों के पश्चात् रेलवे बोर्ड द्वारा यात्री सुविधा एवं संरक्षा से जुड़ी सुविधाओं में और वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है । इसी कड़ी में संरक्षा में वृद्धि करते हुए वर्ष 2025 पूर्व मध्य रेल से खुलने/पहुंचने वाली 25 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन आईसीएफ रेक के बदले अत्याधुनिक तकनीक एवं यात्री सुविधा से युक्त एलएचबी रेक से करने का निर्णय लिया गया है । वर्ष 2025 में पूर्व मध्य रेल के लिए यह काफी महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी जो संरक्षित रेल परिचालन में मददगार होगा ।

चालू वित्त वर्ष के दौरान एलएचबी रेक में परिवर्तित की जाने वाली ट्रेनों में गाड़ी सं. 13303/04 धनबाद-रांची-धनबाद एक्सप्रेस, 13319/20 रांची-दुमका-रांची एक्सप्रेस, 13301/02 धनबाद-टाटा-धनबाद एक्सप्रेस, 15211/12 दरभंगा-अमृतसर-दरभंगा एक्सप्रेस, 13235/36 दानापुर-साहिबगंज-दानापुर एक्सप्रेस, 13211/12 दानापुर-जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस, 13233/34 दानापुर-राजगीर-दानापुर एक्सप्रेस, 13305/06 धनबाद-डेहरी ऑन सोन-धनबाद एक्सप्रेस, 13243/44 पटना-भभुआ रोड-पटना एक्सप्रेस, 13213/14 सहरसा-जोगबनी-सहरसा एक्सप्रेस, 15501/02 रक्सौल-जोगबनी-रक्सौल एक्सप्रेस, 13347/48 बरकाकाना-पटना-बरकाकाना एक्सप्रेस, 13349/50 सिंगरौली-पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस, 13331/32 धनबाद-पटना-धनबाद एक्सप्रेस, 11033/34 पुणे-दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस, 11045/46 कोल्हापुर-धनबाद-कोल्हापुर एक्सप्रेस, 11651/52 जबलपुर-सिंगरौली-जबलपुर एक्सप्रेस, 13155/56 कोलकाता-सीतामढ़ी-कोलकाता एक्सप्रेस,

13157/58 कोलकाता-मुजफ्फरपुर-कोलकाता एक्सप्रेस, 13159/60 कोलकाता-जोगबनी-कोलकाता एक्सप्रेस, 13165/66 कोलकाता-सीतामढ़ी-कोलकाता एक्सप्रेस, 13023/24 हावड़ा-गया-हावड़ा एक्सप्रेस 13419/20 भागलपुर-मुजफ्फरपुर-भागलपुर एक्सप्रेस, 17007/08 सिकंदराबाद-दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, 18621/22 हटिया-पटना-हटिया एक्सप्रेस शामिल है ।

एलएचबी कोच यात्रियों को अपेक्षाकृत अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान कराता है । स्टेनलेस स्टील से निर्मित बेहतर आंतरिक सज्जा युक्त उच्च गति क्षमता वाले अत्याधुनिक एलएचबी कोच आईसीएफ कोच की तुलना में वजन में हल्के और मजबूत होते हैं। कोचों में आधुनिक सीबीसी कपलिंग लगे होने से संरक्षा में वृद्धि होती है । एंटी क्लाइम्बिंग विशेषताएं दुर्घटनाओं के दौरान उन्हें एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकती हैं । कोच बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम व सस्पेंशन के साथ-साथ बेहतर आंतरिक सज्जा व शौचालय युक्त होते हैं। फलस्वरूप एलएचबी कोच युक्त ट्रेनों से यात्रा अपेक्षाकृत अधिक संरक्षित, सुरक्षित व आरामदायक होती है।