हसनपुर में संचालित निजी अस्पताल संचालक के विरुद्ध सीएस ने दिया F.I.R. का आदेश

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दूरबीन न्यूज डेस्क। हसनपुर में संचालित निजी अस्पताल संचालक के विरुद्ध सीएस ने दिया F.I.R. का आदेश। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अवैध रुप से संचालित अस्पताल व नर्सिंग होम पर कार्रवाई करनी शुरु कर दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर की गयी जांच में हसनपुर में अवैध रुप से संचालित एक निजी अस्पताल के संचालक पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

इस अस्पताल की सीएस की ओर से एक बार और डीएम के निर्देश पर दो बार जांच की गयी थी। जिसके बाद सीएस डॉ. एसके चौधरी ने हसनपुर पीएचसी प्रभारी को हसनपुर के दुधपुरा बाजार केलवाघाट स्थित प्राची हेल्थ केयर के संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, जांच में पाया गया कि प्राची हेल्थ केयर जैव चिकित्सा अपशिष्ट अधिनियम 2016 का उल्लंघन कर अवैध रुप से चलाया जा रहा है। पीएचसी प्रभारी को दिए आदेश में सीएस ने कहा है कि राज्य स्वास्थ्य समिति से मिले निर्देश के आलोक में जांच करायी गयी थी।

जिसमें अस्पताल में मरीज भी पाया गया, लेकिन कोई भी रजिस्टर्ड चिकित्सक मौजूद नहीं थे। फिर डीएम को मिली शिकायत के आलोक में जांच टीम ने प्राची हॉस्पीटल में अल्ट्रासाउंड केंद्र का संचालन नहीं पाया गया, परंतु मरीज से संबंधित अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्र का रिपोर्ट पाया गया। जिससे स्पष्ट हुआ कि प्राची हेल्थ केयर का दुधपुरा बाजार में संचालन किया जा रहा है।

इसके बाद संचालक से अवैध नर्सिंग होम संचालन के लिए जवाब मांगा गया। फिर डीएम के निर्देश पर 24 जुलाई 2023 को गठित जांच टीम के द्वारा चार अगस्त को जांच प्रतिवेदन दिया गया। जिसमें जांच के क्रम में मरीज भर्ती पाया गया। अस्पताल संचालन से संबंधित किसी प्रकार का कोई कागजात उपलब्ध नहीं कराया गया।

इसके बाद हसनपुर पीएचसी प्रभारी के द्वारा अंतिम स्मार पत्र हस्तगत कराते हुए पावती कार्यालय को उपलब्ध करा दी गयी। सीएस द्वारा दिए गए आदेश में स्पष्ट कहा गया कि प्राची हेल्थ केयर के संबंध मेंलगातार शिकायत मिली। जिस पर जांच की गयी। जिसमें कई तरह की अनियमितता मिली।

से बायोमेडिकल वेस्ट, पॉल्युशन, कार्यरत स्टॉफ की शैक्षणिक योग्यता, फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र सहित अस्पताल से संबंधित अन्य कागजात की मांग की जाती रही, परंतु उक्त अस्पताल संचालक के द्वारा अस्पताल का संचालन किया जाता रहा है। नतीजतन प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

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