समस्तीपुर। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने वर्तमान सांसद व केंद्रीय गृह राज्यमन्त्री नित्यानंद राय पर एक बार फिर विश्वास जताया है। भाजपा ने तीसरी बार नित्यानंद राय को उजियारपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके पहले 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में नित्यानंद राय उजियारपुर से चुनाव जीत चुके हैं। पार्टी ने उन पर तीसरी बार भी भरोसा करते हुए अपना उम्मीदवार बनाया है।

2014 में उजियारपुर लोकसभा सीट से टिकट लेने के पूर्व श्री राय हाजीपुर के विधायक थे। उस चुनाव में उन्होंने राजद प्रत्याशी आलोक मेहता को हराकर संसद में प्रवेश किया था। सांसद बनने के बाद श्री राय को पार्टी ने बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इसके 2019 के चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें ही टिकट दिया। इस चुनाव में उनका मुकाबला महागठबंधन के प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा से हुआ।


इस चुनाव में नित्यानंद राय ने बड़े मतों के अंतर से कुशवाहा को हराकर दूसरी बार जीत हासिल की। जिसके इनाम के रूप में उन्हें केंद्र सरकार में गृह राज्यमंत्री बना महत्ती जिम्मेवारी दी। वे पूरे पांच साल तक गृह मंत्रालय में मंत्री के रूप में काम करते रहे। इसके अलावा एनडीए को मजबूत बनाने में भी पार्टी ने उन्हें समय समय पर जिम्मेवारी दी, जिसका भी उन्होंने बखुबी निर्वहन किया।

अब तीसरी बार भी पार्टी ने उन्हें उजियारपुर से उम्मीदवार बनाकर हैट्रिक लगाने का मौका दिया है। इस संबंध में भाजपा के जिला अध्य्क्ष उपेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि नित्यानंद राय ने उजियारपुर लोकसभा सीट को नयी पहचान दी है। टिकट मिलने के बाद नित्यानंद राय ने पीएम नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया है। साथ ही विश्वास जताया है कि पूरे देश और बिहार सहित उजियारपुर की जनता भी विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए योगदान देगी।

विदित हो कि परिसीमन के बाद 2009 में उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। 2009 में एनडीए से जदयू की अश्वमेघ देवी ने 180082 (14.65 प्रतिशत) मत लेकर जीत हासिल की थी जबकि राजद के आलोक मेहता को 154770 मत (12.01 प्रतिशत) मिले थे। 2014 में भाजपा से नित्यानंद राय ने 317352 (22.25 प्रतिशत) मत लाया जबकि राजद के आलोक मेहता 256883 (18.01 प्रतिशत) मत ले पाए थे।

वही 20219 में नित्यानन्द राय को 543990 (56.08 प्रतिशत) मत मिले जबकि महागठबंधन के उपेंद्र कुशवाहा 266628 (27.49 प्रतिशत) मत ही हासिल कर सके थे। 2009 में 19, 2014 में 20 और 2019 में 22 उम्मीदवारों ने उजियारपुर सीट पर चुनाव लड़ा था। अब तीसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने के बाद नित्यानंद राय हैट्रिक बनाने की तैयारी में है। इस बार फिर से महागठबंधन की ओर से राजद से सीधी टक्कर होने की संभावना है। parliament election






