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सीतामढ़ी। जगत जननी मां जानकी की जन्मभूमि से प्रभु श्रीराम की जन्म भूमि अयोध्याधाम के लिए शनिवार को सनेश भार समर्पण यात्रा पूरे उत्साह के साथ निकली, जो देर रात अयोध्या पहुच गयी। जगत जननी मां जानकी व जय सियाराम के जयघोष के बीच महंत कौशल किशोर दास के नेतृत्व में अयोध्या धाम के लिए यात्रा निकली। यात्रा को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।


पुनौराधाम से लेकर जिले के बॉर्डर तक हर चौक-चौराहों पर भक्तों का हुजूम उमड़ा था। सभी जयघोष व पुष्प वर्षा कर भार का स्वागत कर रहे थे। वहीं कुछ श्रद्धालु अपना भार भी सनेश समर्पण यात्रा को सौंप रहे थे। सुबह से ही आसपास के गांव व अन्य जगहों से श्रद्धालु पहुंच गए थे। महंत समेत साधु संत द्वारा सनेश भार पूजन कार्य करने के पश्चात सनेश भार समर्पण रथ यात्र शिवहर चकिया मधुबन गोपालगंज होते हुए अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान किया।


अपने पाहुन सरकार के लिए ग्यारह हजार भार तीन ट्रक पर रखकर, 100 छोटी गाड़ी, दो भजन ट्रॉली के साथ जय सियाराम के घोष करते हुए अयोध्या धाम तक के लिए निकली। सनेश समर्पण यात्रा का जगह-जगह फूलों की वर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। वहीं रास्ते में जगह-जगह विश्राम व फलहार की भी व्यवस्था थी। सनेश समर्पण यात्रा पुनौराधाम से निकलकर शिवहर, मोतिहारी, गोपालगंज, गोरखपुर के रास्ते अयोध्या तक जाएगी। जिसमें बिहार बॉर्डर तक जगह-जगह स्वागत की तैयारी की गयी है।


तीन ट्रकों पर रखा भार सनेश तीन सुसज्जित ट्रकों में रखा गया। इसके बाद महंत की अगुवाई में संतों ने पूजा-अर्चना की। फिर मां जानकी से आशीर्वाद लेकर सभी निकले। भार यात्रा की अगुवाई महंत कौशल किशोर दास कर रहे थे। भार में अनाज, फल, मिठाई स्वर्ण आभूषण, चांदी आभूषण आदि जा रहा है। मिथिला के संस्कार और मिथिला की सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ यह भव्य यात्रा का आयोजन किया गया है। (सा. एचएच)







