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समस्तीपुर। समस्तीपुर शहर के ताजपुर रोड स्थित एमआर लेबोरेट्री परिसर में पुष्प प्रदर्शनी आयोजित की गयी है। विभिन्न प्रजातियों के पुष्प को देखने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पिछले 27 वर्षों से जिले में एक मात्र पुष्प प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। जिसमे जिले के स्वास्थ्य विभाग व रेलवे के अलावे प्रशासनिक अधिकारी भी प्रदर्शनी का गवाह बनते आ रहे हैं।


इस बार गुलदाऊदी के लगभग डेढ़ सौ से अधिक किस्म प्रदर्शनी में है। इसके अलावे गुलाब, ड्रेगन फ्रूट, बोनजाई के अलावे अन्य आयुर्वेद पौधा की ओर लोग खिंचे आ रहे हैं। आयोजक शहर के प्रसिद्ध डॉ डीके मिश्रा ने बताया कि यह उनकी 27 वीं पुष्प प्रदर्शनी है। इस बार गुलदाऊदी के सौ किस्म के छोटे पुष्प हैं, जबकि 25 से अधिक बड़े गुलदाऊदी की किस्म हैं।

डॉ डीके मिश्रा ने बताया कि विश्व मे गुलदाउदी द्वितीय पुष्प है। गुलाब पहला पुष्प माना जाता है। जिसे राजा की उपाधि मिली है। उन्होंने बताया कि लगभग तीन हजार वर्ष पूर्व चीन में गुलदाउदी को पहले उगाया गया था। पीली छोटा किस्म का गुलदाउदी को चीन व जापान में स्वादिष्ट व्यंजन के रूप में भी खाया जाता है। उन्होंने बताया कि जापान में 1800 ई, हॉलेंड में 1705 ई, इंग्लैंड व फ्रांस में 1870 ई में गुलदाउदी उगाया गया।

पुष्प प्रदर्शनी में आने के बाद लोग सेल्फी लेना नही भूलते हैं। खासकर बॉटनी व भूगोल के छात्र स्टडी के साथ – साथ फूलों की तस्वीरे व सेल्फी लेते हैं। सुबह से ही प्रदर्शनी में लोगो की भीड़ उमड़ पड़ती है। छात्रों ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम सर एक स्थान पर ही गुलदाउदी के अलावा अन्य प्रकार के पुष्पों को नजदीक से देखने व समझने का मौका मिलता है।







