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समस्तीपुर। समस्तीपुर एएनएम स्कूल में शिक्षकों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नयी व्यवस्था लागू करने जा रही है। नयी व्यवस्था के तहत अब सदर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर सप्ताह में एक घंटे का स्पेशल क्लास करेंगे। ताकि एएनएम स्कूल के छात्राओं को जहां नयी तकनीकि एवं मेडिकल के नए रिसर्चों की जानकारी मिल सकें, वहीं एएनएम स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्याओं को भी दूर किया जा सके। इसको लेकर सीएस डॉ. एसके चौधरी ने सदर अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. गिरीश कुमार को ऐसे चिकित्सकों की रोस्टर ड्यूटी बनाने का निर्देश दिया है। ताकि वो अपनी सुविधा के अनुसार सप्ताह में कम से कम एक घंटे का क्लास लें सकेंगे।


समस्तीपुर एएनएम स्कूल में लगभग प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष मिलाकर छात्राओं की संख्या लगभग 80 प्लस होगी। लेकिन इन छात्राओं को पढ़ाने के लिए मात्र दो शिक्षक हैं। कई वर्षों से प्राचार्य नहीं होने के कारण सदर अस्पताल के वरीय जीएनएम को प्रचार्य का प्रभार सौंपा है। वहीं एक शिक्षक की पोस्टिंग है, जबकि दूसरे को सदर अस्पताल से ही डिप्टेशन पर रखा गया है। ताकि किसी तरह एएनएम स्कूल का संचालन किया जा सके।


शिक्षकों की कमी के कारण नियमित रुप से एएनएम स्कूल में वर्ग संचालन करने में काफी परेशानियां होती है। अगर ऐसे में सदर अस्पताल के चिकित्सकों की सेवा ली जाती है तो एएनएम स्कूल की सूरत बदल सकती है।
संभावना यह है कि प्रत्येक दिन सुबह व शाम के ओपीडी के बीच के तीन घंटे के शेष समय में प्रत्येक दिन दो चिकित्सकों एक-एक घंटे का वर्ग संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसे में एक चिकित्सक को महीने में एक या दो दिन ही समय दे सकेंगे।


सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने कहा कि एएनएम स्कूल में शिक्षकों की कमी को देखते हुए ऐसा प्रस्ताव रखा गया है। ज्ञान देने से बढ़ता है। इससे डॉक्टरों के साथ-साथ एएनएम छात्राओं का भी बेसिक नॉलेज बढ़ेगा। मैं स्वयं भी फ्री रहने पर एक दो क्लास ले लिया करूंगा। डीएस को रोस्टर बनाने को कहा गया है।





