पटना। सीबीआई ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के सिल्चर (असम) स्थित कार्यालय में हुई एक बड़ी धांधली का खुलासा करते हुए एफआईआर दर्ज की है। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपित के तौर पर सिल्चर कार्यालय में कार्यरत वरीय सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) संतोष कुमार समेत अन्य को मुख्य आरोपित बनाया गया है।

पूर्वोत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर कंस्ट्रक्शन-2 के इस कार्यालय में एसएसई संतोष 2009 से ही लगातार पदस्थापित हैं। इन्होंने अपने कुछ अन्य सहयोगियों के साथ मिली भगत करके 2010 से अब तक सिल्चर कार्यालय से होने वाले निर्माण और मेंटेनेंस से जुड़े 106 प्रोजेक्ट का ठेका दिलवाने में खासा मदद की। इतने वर्षों में इस कार्यालय से होने वाले सभी कार्य सिर्फ एक कंपनी को दिए गए।

इसमें नई रेलवे लाइनें बिछाने और पुरानी लाइनों को अपग्रेड करने से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। सीबीआई ने संतोष कुमार के पिता अंबिका शाह और पत्नी पुष्पा कुमारी के अतिरिक्त एक निजी कंपनी मेसर्स भरतीया इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड के निदेशक मंडल एवं कुछ अज्ञात लोगों को मुख्य आरोपित बनाया है। इन सभी पर भ्रष्टाचार निवारण निरोध अधिनियम, आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य संगीन आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच में पाया गया कि इस निजी कंपनी के कार्यों का निरीक्षण करने के एवज में संतोष कुमार ने गुवाहाटी के अलग-अलग बैंक खातों में 75 लाख रुपये से अधिक की राशि ली है। इस कंपनी ने उनके पिता अंबिका शाह के एसबीआई के तीन, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक और केनरा बैंक के एक खाते में लाखों रुपये जमा कराए हैं।

पत्नी के पीएनबी बैंक खाते में भी मोटी राशि जमा कराई गई है। यह राशि एक बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग करके कई बार में जमा की गई है। इस कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रामावतार भरतीया, पवन कुमार भरतीया, अविनाश भरतीया, अंकिता गोयल, शंकर प्रसाद समेत अन्य को भी आरोपित बनाया गया है।

इस मामले में सीबीआई की टीम ने संतोष कुमार के आवास पटना के पास मौजूद फुलवारीशरीफ के ब्रह्मपुर बाजार के हाईकोर्ट कॉलोनी स्थित अंबिका भवन की तलाशी ली। जांच एजेंसी ने इस मामले में नई दिल्ली स्थित कार्यालय में 24 जुलाई 2023 को एफआईआर दर्ज की है, लेकिन उनके आवास की तलाशी शनिवार को ली गई। इस दौरान कई संवेदनशील दस्तावेज, कई पासबुक, निवेश से संबंधित कागजात समेत अन्य चीजें बरामद की गई हैं। इन सभी कागजातों की फिलहाल समुचित जांच चल रही है। सौ. एचएच।







