समस्तीपुर के सदर अस्पताल के इमरजेंसी से गायब रही बिजली, मोबाइल की रोशनी में डॉक्टर को करना पड़ा इलाज

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े

समस्तीपुर। एक तरफ जहां सदर अस्पताल को लक्ष्य प्रमाण पत्र के बाद एनक्वास का भी राज्यस्तरीय प्रमाण पत्र मिल गया। लेकिन सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की हालत काफी खराब है। यूं कहें तो इमरजेंसी वार्ड को इमरजेंसी इलाज की जरुरत है। सदर अस्पताल में सभी सुविधाओं के बावजूद शुक्रवार की सुबह इमरजेंसी वार्ड से कई घंटे बिजली गायब रही। अंधेरे में मरीज के साथ-साथ कर्मियों को समय काटनी पड़ी, लेकिन जेनरेटर को स्टार्ट नहीं किया गया।

जिसके कारण शुक्रवार की सुबह गंभीर रुप से जख्मी मरीजों को इलाज करने में ऑन ड्यूटी चिकित्सक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी, जिसके कारण ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार को मोबाइल की रोशनी में ही इलाज शुरु करना पड़ा। इस दौरान मोबाइल की रोशनी में जख्मी के शरीर पर जख्म को गिना गया।

फिर उसका बीपी व अन्य जांच की गयी। लगभग आधे घंटे तक मरीज का इलाज मोबाइल की रोशनी में किया गया। इसके बाद कई बार गार्ड के कहने पर जेनरेटर को स्टार्ट किया गया।


इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह लगभग पांच बजे ही बिजली कट गयी। जिसके बाद बिजली गंभीर मरीज के आने पर बिजली को शुरु किया गया। इस दौरान कई घंटे तक सभी लोगों को अंधेरे में ही रहना पड़ा।

इस संबंध में डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने कहा कि इमरजेंसी में बिजली नहीं रहने की जांच की जाएगी। अगर बिजली कटती है तो इसके लिए जेनरेटर की भी सुविधा है। किस कारण जेनरेटर स्टार्ट नहीं किया गया, इसकी जांच कर दोषी कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।


इमरजेंसी में बिजली कटने के बाद मोबाइल की रोशनी में इलाज करने की यह कोई पहली घटना नहीं है। चार दिन पूर्व भी एक गंभीर मरीज का इलाज मोबाइल की रोशनी में किया गया।

कर्मियों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि  इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों बिजली की गंभीर संकट बना हुआ है। आए दिन घंटों बिजली गायब रहती है। जिसके कारण मरीजों के साथ-साथ कर्मियों को भी काफी परेशानी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *