समस्तीपुर। समस्तीपुर स्टेशन पर कर्मियों के बीच एक बार फिर सामांजस्य की कमी के कारण बीमार यात्री के बिना इलाज के ही ट्रेन को रवाना कर दिया गया। जिसके कारण ट्रेन में इलाज करने पहुंची मेडिकल टीम को चलती ट्रेन से कूदना पड़ा। नतीजतन सूचना देने के बावजूद बीमार यात्री की समुचित इलाज समस्तीपुर में नहीं हो पायी। घटना शनिवार रात की है।

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की रात ट्रेन संख्या 13020 काठगोदाम हावड़ा एक्सप्रेस के बी वन में एक सात वर्षीय बच्चे के बीमार होने की सूचना रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर दी गयी। सूचना मिलते ही वाणिज्य अधीक्षक महेश कुमार ने इसकी सूचना रेलवे अस्पताल को दी और मेडिकल टीम समस्तीपुर स्टेशन पर पहुंच गयी। ट्रेन के पहुंचते ही मेडिकल टीम बी वन कोच में पहुंच कर बर्थ संख्या 23 व 24 पर जाकर बीमार बच्चे का इलाज करना शुरु कर दिया।

इस दौरान एक अन्य यात्री के भी बीमार होने की सूचना यात्रियों ने मेडिकल टीम को दी। बच्चे को बार-बार उल्टी होने की शिकायत थी। जिसके बाद मेडिकी टीम ने बच्चे की जांच पड़ताल की। इसी दौरान ट्रेन को खोल दिया गया। ट्रेन के खुलते ही मेडिकल टीम अपनी सामग्री समेट ली और बिना इलाज के लिए चलती ट्रेन से कूद गयी। संयोग था कि किसी भी कर्मी को कुछ नहीं हुआ। बतादें कि कुछ महीने पूर्व भी राजधानी एक्सप्रेस में भी इसी तरह की घटना हुई।

जिसमें भी इलाज के दौरान ही ट्रेन को रवाना किया गया और मेडिकल टीम को कूदना पड़ा। जिसके बाद डीआरएम आलोक अग्रवाल के निर्देश पर उक्त मामले की जांच करायी गयी। जिसके बाद कर्मियों को सख्त निर्देश दिया गया था कि जब कोई मेडिकल टीम ट्रेन में इलाज करती है तो इलाज होने तक ट्रेन को स्टेशन पर ही रोका जाए।

इलाज पूर्ण होने एवं मेडिकल टीम के द्वारा सहमती देने के बाद ही ट्रेन को प्रस्थान करायी जाए। इसके बावजूद शनिवार की रात समस्तीपुर स्टेशन पर पूर्व की घटना को फिर से दोहरा दिया गया।






