समस्तीपुर में तापमान 40 डिग्री के पार, हीटवेव के कारण हाई फीवर से बीमार हो रहे लोग

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समस्तीपुर। हीटवेब के कारण मौसम का तापमान 40 डिग्री पर पहुंच गया है। इससे लोगों के बीमार होने का सिलसिला जारी है। सदर अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में इन दिनों बीमार मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर हाई फीवर के अलावे सर्दी खांसी व डायरिया की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। सदर अस्पताल में तेज धूप के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या में थोड़ी कमी आयी है, लेकिन अधिकांश मरीजों को हाई फीवर, डायरिया व सर्दी खांसी की शिकायत है। इन दिनों प्रतिदिन लगभग छह से सात सौ मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

इसमें 60 प्रतिशत मरीजों में हाई फिवर की शिकायत रहती है। जबकि लगभग 50 प्रतिशम मरीजों में सर्दी खांसी व हाई फिवर की समस्या है। वहीं लगभग दस प्रतिशत मरीजों में डायरिया का प्रकोप भी हो रहा है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार ने बताया कि अस्पताल में सभी प्रकार की दवा व जांच की सुविधा उपलब्ध है।

पीकू वार्ड में फुल है सभी बेड सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में इन दिनों सभी बेड फुल है। पीकू वार्ड के 12 बेड है। जिसमें 15 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कुछ बेड पर एक ही परिवार के दो-दो बच्चे को भर्ती किया गया है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नागमणी राज ने बताया कि सभी बच्चों में हाई फिवर की शिकायत है। लेकिन यह चमकी नहीं है। वहीं कुछ बच्चों में डायरिया की भी शिकायत है।

ओपीडी में भी आने वाले अधिकांश बच्चों में हाई फिवर व डायरिया की शिकायत रहती है।

हीटवेव से बचने के उपाय

● बेवजह धूप में निकलने से बचना चाहिए।

● अधिक से अधिक पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

● हल्के व पूरी शरीर को ढंकने वाला वस्त्रत्त् पहन कर ही निकालना चाहिए।

● नवजात व गर्भवति तेज धूप में ना निकले।

● मशालेदार भोजन का प्रयोग ना करें।

● चेहरे को तौलिया या गमछा से लपेट कर निकलें।

● बाइक सवार लोग गमछा के साथ हेलमेट का प्रयोग करें।

● बेहोशी होते ही तत्काल डॉक्टरी परामर्श लें।

● बेहोशी होना लू लगने का प्रमुख लक्षण है।

डॉ. नागमणि राज ने बताया कि मौसम अनुकूल नहीं है। हीटवेब चल रहा है। इसमें लोगों के शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इस लिए पेय पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए। लोगों को स्वच्छ ठंडा पानी, निंबू पानी, नारियल पानी, फलों का जूस, खीरा, तरबूस, ककरी आदि का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। कम तेल मशाला वाला भोजन का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही जरुरत नहीं हो तो घर से ना निकले।

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