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समस्तीपुर। जन सुराज पदयात्रा के 223वें दिन की शुरुआत समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत लरुआ पंचायत स्थित पदयात्रा शिविर में सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि जन सुराज पदयात्रा के माध्यम से प्रशांत किशोर 2 अक्तूबर से अबतक लगभग 2500 किमी से अधिक की दूरी तय कर चुकी है। पश्चिम चंपारण से शुरू हुई पदयात्रा अब समस्तीपुर जिले पहुंची है।

मीडिया संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि नेताओं और दलों के साथ में बैठकर चाय पीने से और प्रेस वार्ता करने से विपक्षी एकता अगर होनी होती तो आज से 10 साल में यह काम हो गया होता। नेताओं के आपस में मिलने से विपक्षी एकता नहीं हो सकती। नीतीश कुमार जो कर रहे हैं इसका कोई मतलब नहीं बनता है। नीतीश कुमार जो विपक्षी एकता की बात कर रहे हैं वो बिहार में सीटों का ही फार्मूला जारी कर दे कि बिहार में जदयू, कांग्रेस, आरजेडी और उनके अन्य जो सहयोगी दल हैं वो कितने सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

प्रशांत किशोर ने कहा कि क्या नीतीश कुमार अपनी सीट छोड़कर CPI(ML) को देंगे? CPI(ML) की जीत का औसत नीतीश कुमार से ज्यादा रहा है। नीतीश कुमार की पार्टी 110 सीटों पर लड़ कर 42 सीट पर जीती हैं, CPI(ML) 17 सीटों से लड़कर 12 एमएलए जीती हैं। इस हिसाब से उनको को ज्यादा सीट मिलनी चाहिए, तो नीतीश कुमार अपनी सीट छोड़ देंगे? जिसके अपने घर का ठिकाना है नहीं! वह आदमी पूरे दुनिया में घूमेगा तो वो न घर का होगा ना बाहर का बचेगा।

प्रशांत किशोर ने 10 लाख नौकरी के सवाल पर तेजस्वी पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 10 साल में BPSC के काम करने का जो तरीका है उसको ध्यान से समझ जाएं तो BPSC के 1 साल में 10 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी देने की क्षमता नहीं है। कितने लोगों को परीक्षा देनी है, कितने लोगों का आवेदन होगा। इन सब के हिसाब से 10 हजार से ज्यादा नौकरी बीपीएससी नहीं दे सकती है।

अगर नियमावली को ठीक मान लिया जाएं तो बीपीएससी को 2 लाख शिक्षकों की नियुक्ति करने में कम से कम 5 साल का समय लगेगा। नियोजित शिक्षकों के पास केवल 3 अवसर है। ये सीधा-सीधा लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा है। अगर 4-4 लाख लोग 3 बार परीक्षा देने जाएंगे तो 12 लाख लोगों की परीक्षा लेगा कौन? जब मूर्ख व्यक्ति को नेता बना देंगे तो वो यही काम करेगा।

तेजस्वी यादव चुनाव में आएं और 10 लाख नौकरी देने का वादा किया और कहा कि 1 साइन करेंगे और आपको नौकरी मिल जाएगी। ये दिखाता है कि आप कितने बड़े अज्ञानी हैं। किसी कैबिनेट के पास ये अधिकार नहीं है कि 1 साइन पर नौकरी मिल जाएगी। ये उनके बाबू जी का राजतंत्र नहीं है जो 1 साइन पर नौकरी मिल जाएगी। कैबिनेट ये निर्णय कर सकती है कि कितने पद निकलेंगे, किस विभाग में निकलेंगे, कैबिनेट नौकरी नहीं दे सकती है। ये दिखाता है कि तेजस्वी को किसी विषय का कोई ज्ञान ही नहीं है।

प्रशांत किशोर BJP पर भी जमकर बरसे, कहा – बिहार भाजपा के किसी एक नेता ने नाम पर 5 वोट नहीं मिलेगा। अध्यक्ष के लिए भी इन्हें दूसरी पार्टी से नेता को लाना पड़ा। भाजपा का बिहार में कुछ नहीं है। आज बीजेपी की हालत ऐसी है कि बीजेपी की कमान बिहार में ऐसे व्यक्ति के पास है जिनके बाबूजी पहले लालू जी के मंत्री थे। फिर वो नीतीश के मंत्री हुए। उसके बाद वह मांझी जी के मंत्री हुए और आजकल उनका बेटा बीजेपी का उद्धार करने निकला है। भाजपा को भी बिहार में कोई नया आदमी नहीं मिल रहा है, उनको भी वही व्यक्ति मिला है जिनके बाप-दादा पहले किसी और दल में थे, बिहार में भाजपा अभी नेता खोज ही रही है।





