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समस्तीपुर। समाहरणालय सभा कक्ष में सोवार को पर्यावरण संबंधी समीक्षात्मक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए डीएम योगेंद्र सिंह ने जल जीवन हरियाली अभियान, अमृत सरोवर योजना, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, चिकित्सा अवशिष्ट प्रबंधन एवं नगर निकाय के कार्यों की पीपीटी के माध्यम से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान नगर निकाय रोसड़ा एवं दलसिंहसराय को प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के यूनिट का निर्माण करने के लिए भवन चिन्हित करने तथा मशीन लगाने का निर्देश दिया गया।

वहीं प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के तहत प्लास्टिक कचरे को एमआरएफ सेंटर तक भेजने में खानपुर प्रखंड अव्वल रहा, जबकि कल्याणपुर प्रखंड की प्रगति सबसे धीमी है। अमृत सरोवर योजना के तहत पहचान किए गए कुल 93 सरोवरों में 80 पर कार्य शुरू है तथा 13 सरोवरों पर अभी कार्य शुरू नही हुआ है। कार्य शुरू हुए 80 सरोवरों में से 43 का जीर्णोधार कार्य पूर्ण हो चुका है।

उजियारपुर प्रखड के 4 साइट पर कार्य शुरू नही होने पर डीएम ने जवाब मांगा है। डीएम ने वैसे सरोवर जहां, जीर्णोधार कार्य पूर्ण कर लिया गया है वहां पर वृक्षारोपण कराने और बाबा केवल स्थान के पास भी वृक्षारोपण का निर्देश डीपीओ मनरेगा को दिया गया।

वहीं जैव चिकित्सा अपशिष्ट से संबंधित प्रतिवेदन नही रहने के कारण डीएम ने सिविल सर्जन पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट के साथ बैठक में आने को कहा। सार्वजनिक जल संचयन संरचना तालाब, पोखरों, आहरों के जीर्णोधार के पीएचईडी के पास 4 जबकि पंचायती राज विभाग के पास 184 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोधार लंबित है। सोखता निर्माण में सबसे खराब प्रदर्शन विभूतिपुर, वारिशनगर तथा उजियारपुर का प्रदर्शन काफी खराब है।








