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समस्तीपुर/रोसड़ा। राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि सूबे की शिक्षा व्यवस्था में सुधार व बदलाव के लिए उन्होंने विवि के कुलपतियों, शिक्षाविदों और राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की है। सभी से विचार-विमर्श के बाद एक रोड मैप बनाया है। इसे उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए लागू करेंगे। वे रविवार को रोसड़ा प्रखंड के बटहा स्थित सुदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर के रजत जयंती समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने नयी शिक्षा नीति को प्रभावी बताते हुए कहा कि यह देश के विकास को नयी दिशा देगी। ब्रिटिश काल की गड़बड़ियों को दूर कर ऋषि-मुनियों की खोज व मनन के आधार पर इसे बनाया गया है। इससे पहले उन्होंने स्कूल प्रागंण में आयोजित रजत जयंती समारोह को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति बदहाल है। इसे ठीक करने के लिए व्यवस्था को ठीक करना होगा। इस काम को पूरा करने के लिए वे सभी लोगों से सहयोग लेंगे।

राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि पीएम मोदी की पहल पर देश आजादी का अमृतकाल मना रहा है। आगामी 25 साल तक स्व जागरण का कार्यक्रम चलेगा। इसमें शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र को भी विकसित करने के लिए स्व जागरण का अभियान चलेगा। देश को पहले सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन अब उस परिकल्पना से निकल कर सोने का शेर बनाना है। जब सभी स्व जागरण का हिस्सा बनेंगे तो यह काम आसानी से पूरा होगा और देश एक बार फिर विश्व गुरु बनेगा।

राज्यपाल रविवार को रोसड़ा के बटहा में सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ है। शिक्षा हमें अपनी संस्कृति से जोड़ता है। हमारी विरासत समृद्ध रही है। भारत ऋषि-मुनियों का देश रहा है। ऋषि नई नई खोज करते थे तो मुनि उस पर मनन करते थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति इतिहास, संस्कृति, परंपरा से जुड़ी हुई है, जो समाज और देश के विकास में सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने कहा कि 1947 में आजादी के साथ हमें पॉलिटिकल फ्रीडम तो प्राप्त हुआ, पर शिक्षा के क्षेत्र में हम दूसरों को सीख देने के वजाय दूसरों की नकल करते रहे। हमें डिकोलाइज करने वाली शिक्षा नहीं चाहिए। हमें वैसी शिक्षा की आवश्यकता है जो हमें जमीन से जोड़ सके।

विश्व गुरु का सपना साकार करने के लिए पीएम के मार्गदर्शन में लायी गयी शिक्षा नीति को हम सबों को मिलकर आगे बढ़ाना है। इस दिशा में चिंतन करने और मिलकर काम करने की जरूरत है। बटहा जैसे सूदूर इलाके में सुंदरी देवी सरस्वती शिुश मंदिर की स्थापना करने संबंधी निर्णय के लिए उन्होंने संस्थापक डॉ. रामस्वरूप महतो की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि बहुत लोगों के पास संपत्ति है, लेकिन विचार नहीं है।

डॉ. रामस्वरूप महतो ने जो काम किया उससे सीख लेने की जरूरत है। उनके इस काम की तुलना नहीं की जा सकती। यह स्कूल आज विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ भी रहा है।

मौके पर स्थानीय सांसद प्रिंस राज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी के अलावे कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। वही कार्यक्रम में डीएम योगेंद्र सिंह, एसपी विनय तिवारी, एडीएम अजय कुमार तिवारी सहित दर्जनों प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर विधि व्यवस्था का जायजा ले रहे थे।





