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मधुबनी। मधुबनी जिले के मधवापुर के मुखियापट्टी के स्वर्ण व्यवसायी सहित तीन घरों में भीषण डकैती की घटना हुई। लगभग 50 की संख्या में नकाबपोश अपराधियों ने अलग-अलग टीम बना कर एक ही समय में तीनों घरों में घटना को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर के लोगों को बंधक बना कर करीब एक घंटा तक लूटपाट की। बताया जाता है कि बदमाशों के पास पिस्टल, कुल्हाड़ी और लोहे के रौड लिये कई राउंड फायरिंग व बम धमाकों से दहशत भी फैलाया। स्वर्णकार वीरेन्द्र ठाकुर ऊर्फ नारद के तीन मंजिला भवन पर छत के रास्ते घर में घुसने के लिए अपराधियों ने अपने साथ लायी गयी बांस की 50-60 फीट लंबी सीढ़ी का प्रयोग किया। जबकि उसके भाई साइकिल व्यापारी अशोक ठाकुर के घर में लोहे का मुख्य दरवाजा गैस कटर से काट कर अंदर घुस गया। शिक्षक शत्रुघ्न झा बरामदे पर सोये हुए उसके पिता बंटू झा को बंधक बना कर जान मारने की धमकी देते हुए अपराधियों ने आंगन का गेट खोलवा लिया।

जानकारी के अनुसार शिक्षक की 65 वर्षीया मां ललिता देवी से गहने छीनने के दौरान उसकी दोनों कानें नीचे से चिर गयी। पीड़ित के अनुसार अपराधियों के गैंग में कुछ लोग लोकल भी थे। हालांकि नकाब में रहने के कारण किसी की पहचान नहीं हो पायी। लेकिन, उन लोगों के बीच हो रही आपसी बातचीत की भाषा और लहजे से लोकल जान पड़ा। लूटपाट से पहले डकैतों ने घर के लोगों का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। बताया जाता है कि नारद की छोटी बेटी के पास किसी तरह एक छोटा फोन सेट बचा हुआ रह गया। उसी फोन से एक रिश्तेदार को घटना की जानकारी देकर साहरघाट पुलिस को सूचना दिलवायी गयी। लेकिन, पुलिस मंगलवार की सुबह पहुची। जबकि घटना रात की ही थी। घटनास्थल पर डीएसपी अरुण कुमार सिंह के अलावा मधवापुर और साहरघाट पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की। थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में जुट गयी है। जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जायगा।

इधर, मुखियापट्टी में डकैती कर लुटेरों को जाने के बाद हुए बम विस्फोट में दो महिलाएं जख्मी हो गयी। दोनों को इलाज के लिए साहरघाट के एक नीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों महिलाएं बगल की बस्ती नवटोली की बतायी गयी।






