व्हाट्सएप ग्रुप से जुडने के लिए यहां क्लिक करें
पटना। पटना में शिक्षक के बेटे तुषार के अपहरण कर हत्या करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने इसमें चौंकाने वाले खुलासे किया है कि एक स्कूल संचालक के द्वारा ही बच्चे का अपहरण करने के बाद उसकी निर्ममतापूर्वक से हत्या कर दी गई। साथ ही बच्चे के परिजनों से 40 लाख फिरौती की राशि भी मांगता रहा। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी स्कूल संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। मृत छात्र छठी कक्षा का छात्र तुषार कुमार (12) था, जिसका अपहरण करने के डेढ़ घंटे बाद ही स्कूल संचालक मुकेश कुमार ने उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार पहले गला दबाकर मार दिया, फिर बाद में तुषार के शव को चाकू से भी गोद डाला। फिर स्कूल संचालक ने शव को ठिकाने लगाने की नीयत से पेट्रोल छिड़क कर उसे जला दिया। पुलिस ने आरोपित स्कूल संचालक मुकेश कुमार (किशुनपुर, बिहटा) को बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक लॉज से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के बाद उसने छात्र के परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। 20 लाख का कर्ज चुकाने के लिए आरोपित ने घटना के चार दिन पहले तुषार के अपहरण और हत्या की साजिश रची थी। छात्र, उसके स्कूल में पढ़ाई भी कर चुका था। गिरफ्त में आया मुकेश सेवानिवृत्त दारोगा का बेटा है।

पुलिस ने आरोपित के पास से तुषार का मोबाइल फोन व अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। छात्र के सुराग और मुकेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमें बनाई गई थी। एसएसपी ने बताया कि बिहटा के कन्हौली निवासी श्रीरामपुर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक राज किशोर पंडित का 12 वर्षीय इकलौते पुत्र तुषार गुरुवार की शाम 6.30 बजे घर से खेलने निकला था। काफी देर बाद जब परिजनों ने उससे संपर्क किया तो उसने एक मिनट में आने की बात कही थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया था और छात्र का अता-पता नहीं चला। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर बिहटा पुलिस ने छात्र के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। तकनीकी छानबीन में पता चला कि अंतिम बार उसकी बात व्हाट्स एप काल से निजी स्कूल संचालक मुकेश कुमार से हुई थी। उसका कन्हौली में विवेकानंद मेमोरियल के नाम से एक स्कूल और प्रियांश एजुकेशन प्वाइंट नाम का कोचिंग इंस्टिट्यूट है।

तुषार मुकेश के स्कूल में पढ़ाई भी कर चुका है। उधर घटना के बाद से ही मुकेश फरार था। छात्र के सुराग और मुकेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमें बनाई गई थी। एक टीम छात्र के परिजन व दोस्तों से पूछताछ जबकि दूसरी टीम तकनीकी अनुसंधान में लगी थी। वहीं, अन्य टीम ने कई किलोमीटर तक सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। इसमें शक मुकेश पर ही गया। उधर, तकनीकी सर्विलांस में मुकेश कुमार का लोकेश बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक लॉज का मिला। जिसके बाद शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने तुषार की हत्या की बात स्वीकार कर ली है।

छात्र के परिजन भी मुकेश कुमार को अच्छी तरह पहचानते थे। छात्र को छोड़ दोने पर उसकी पहचान हो जाने का डर था। इसलिए उसने पूर्व में ही अपहरण के बाद छात्र की हत्या की बात ठान ली थी। वहीं, हत्या बाद उसने व्वायस रिकार्डिंग भेजकर तुषार के स्वजनों से फिरौती की रकम मांगी थी। साक्ष्य छुपाने के दूसरे दिन भी वह घटना स्थल पर गया था। वहां उसने दोबारा से पेट्रोल डालकर शव में आग लगाई थी। वहीं, लौटते वक्त उसने दोबारा से छात्र के परिजनों से फिरौती की रकम मांगी थी। यह घटना ईएसआईसी अस्पताल के समीप लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।





