समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में पिछले 26 फरवरी को मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर हाईस्कूल श्मशान घाट के पास एवं ताजपुर थाना क्षेत्र के मोरवा लीची बागान के पास दोहरा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। एसपी विनय तिवारी ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि घटना के पीछे इन लोगों के बीच हुए जमीनी विवाद तथा ताजपुर थाना क्षेत्र के लसकारा निवासी वकील चौधरी पर हुए पूर्व में फायरिंग के रंज में हत्या की गयी है। सदर डीएसपी मो. सेहबान हबीब फखरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस दौरान मिली सूचना के बाद कोलकाता के हुगली चंदननगर से स्थानीय पुलिस के सहयोग से घटना में शामिल पहचान मो अबरेज उर्फ आले और मो तस्लीम उर्फ हैकल के रूप में हुई है। वहीं, उनकी निशानदेही पर मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर से विक्की कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयुक्त की गई बाइक, पांच मोबाइल और एक खोखा बरामद किया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी व अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है। एसपी ने कहा कि कोलकाता से अपराधियों को गिरफ्तार कर लाने वाले ताजपुर और मुसरीघरारी थाना एसआई मो. फहीम और राजू कुमार को पांच-पांच हजार रुपए की राशि का अवार्ड दिया गया। पुलिस के द्वारा विस्तृत पूछताछ में सभी अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार घटना लगभग एक माह पूर्व जमीनी विवाद को लेकर शुभम मिश्रा के द्वारा लश्कारा निवासी वकील चौधरी पर की गई जानलेवा फायरिंग की रंज में वकील चौधरी के द्वारा मो तस्लीम के साथ मिलकर रची गई थी। क्योंकि इससे पूर्व मो तस्लीम का शुभम मिश्रा से झंझट भी हुआ था। जिसके बाद शुभम मिश्रा मो तस्लीम को जान से मारने की योजना भी बनाने लगा था। पुलिस के अनुसार घटना में शामिल सभी अपराधी एक दूसरे से मोबाइल के माध्यम से संपर्क में थे और घटना के एक दिन पहले मोरवा बाजार स्थित एक चाय दुकान पर बैठकर घटना की प्लानिंग की गई। प्लानिंग के तहत 26 फरवरी को समय करीब 03:00 बजे के आस-पास बेसिक स्कूल के पास रोड के उतर पुलिया पर बैठ कर बातचीत कर रहे शुभम कुमार मिश्रा और उसके साथ ही अनमोल कुमार शर्मा को मो तस्लीम उर्फ हैकल तथा मो अबरेज उर्फ आले के द्वारा साजिश के तहत क्रिकेट खेलने के बहाने अपनी बाइक पर बैठा कर घटनास्थल की ओर ले जाया गया। जहां, वकील चौधरी, मो अंजार और विक्की कुमार भी पहुंच गए थे। वहीं, वकील चौधरी के निर्देश पर विक्की कुमार के द्वारा अनमोल कुमार शर्मा को मोरवा बाजार घुमाने ले जाया गया और उसके बाद मौका पाकर मो तस्लीम के द्वारा शुभम कुमार मिश्रा के सिर और छाती में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। जिसके बाद घटना के गवाह मिटाने के उद्देश्य से अनमोल कुमार शर्मा को बुलाकर उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। समस्तीपुर एसपी ने कहा कि पूर्व में हुए वकील चौधरी पर फायरिंग की घटना पर ताजपुर थाना अध्यक्ष के द्वारा ठोस कार्रवाई की गई होती तो संभवत डबल मर्डर कांड को होने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि ताजपुर थानाध्यक्ष की इस लापरवाही में उनके द्वारा विभागीय कार्रवाई के तहत स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस की छापेमारी टीम में ताजपुर थाना अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, मुसरीघरारी थानाध्यक्ष पंकज कुमार, ताजपुर थाना के एसआई राजू कुमार, मुसरीघरारी थाना के एसआई मो. फहीम, ताजपुर थाना के रिजर्व गार्ड सिपाही लक्ष्मण कुमार, मुसरीघरारी थाना के रिजर्व गार्ड सिपाही रंजन कुमार एवं तकनीकी शाखा के सिपाही अरविंद कुमार शामिल थे।







