नई दिल्ली। सीबीआई-ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाकर आठ विपक्षी दलों के नौ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी समेत कई सवाल भी उठाए गए हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राजद नेता तेजस्वी यादव, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे और सपा नेता अखिलेश यादव ने पीएम को भेजे पत्र में हस्ताक्षर किए हैं। चिट्ठी में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा पर भी निशाना साधा गया है। इसमें लिखा है कि विपक्ष के जो नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ जांच धीमी हो जाती है। विपक्षी सदस्यों के खिलाफ सीबीआई-ईडी का खुला दुरुपयोग दर्शाता है कि हम लोकतंत्र से निरंकुशता में आ गए हैं। इधर, पीएम को पत्र लिखने पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आप को घेरा है। उन्होंने लोकमान्य तिलक के ‘स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है’ नारे की तुलना करते हुए कहा कि आप भ्रष्टाचार को अपना जन्मसिद्ध अधिकार ही नहीं मानती, बल्कि इसे एक रूप में भी देखती है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच से बचना इसका अधिकार है। वही, विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने पत्र में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेताओं शुभेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय का उदाहरण दिया। इसमें दावा किया कि जांच एजेंसियां भाजपा में शामिल हुए पूर्व विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामलों में धीमी गति से काम करती हैं, क्रेडिट HT







