समस्तीपुर/सिंघिया। दूरबीन न्यूज। सिंघिया प्रखंड क्षेत्र में अन्ना हजारे के नाम से अपनी अलग पहचान बनाने वाले बलुआहा गांव के 70 वर्षीय बिष्णुदेव पासवान का निधन मंगलवार की सुवह हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी। साथ ही सिंघिया के अन्ना हजारे के अंतिम दर्शन को लोगो की भीड़ जुट गयी।
बताया जा रहा है कि वे काफी दिनों से केंसर रोग से ग्रसित थे। स्व पासवान अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद प्रखंड राजनीति में सक्रिय हुए। साइकिल पर अन्ना के बिचारो का पम्पलेट तथा झंडा लगा कर चलते थे।

प्रखंड तथा पंचायतो में व्याप्त गड़बड़ी का खुल कर बिरोध करना उनके दिनचार्ज में शामिल था। अधिकारियों के सामने भी बड़े निर्भीकता से समस्याओं को रखते थे तथा उसपर बात करते थे। जिसके कारण प्रखंड के लोग उन्हें अन्ना हजारे का उपनाम रख दिया। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। अभी भाजपा के दक्षिणी मंडल के उपाध्यक्ष पद पर काबिज थे। उनके निधन के समाचार से पूरे प्रखंड एवं नगर पंचायत में शोक की लहर फैल गई। उन्हें श्रद्धांजलि देने वालो का तांता लग गया। श्रद्धांजलि देने वालो में मंडल अध्यक्ष ब्रिज भूषण यादव, संजय कुँवर, प्रमुख बैजू साहू, उप प्रमुख रिंकू सिंह, नगर पंचायत मुख्य पार्षद मिंटू कुमारी, पार्षद अभिमन्यु कुमार सिंह उर्फ कन्हैया, निरंजन सिंह सामिल है। वही उनके निधन पर स्थानीय विधायक बिरेन्द्र कुमार ने शोक जताते हुए उन्हें देश का असली सिपाही बताया है। जिन्होंने भ्रष्ट सिस्टम के विरुद्ध निरंतर प्रखंड में आंदोलन जारी रखा।







