दुर्गा पूजा की तैयारी तेज, 91 वर्षों से आस्था का केंद्र है बाघोपुर का मां वैष्णवी मनोकामना मंदिर

व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें

Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत बंधार पंचायत के बाघोपुर बाजार में मां वैष्णवी मनोकामना दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र व दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मंदिर परिसर में भव्य पूजा पंडाल के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। कारीगर दिन रात पंडाल के ढांचे को आकर्षक स्वरूप देने में जुटे हैं। वहीं प्रतिमा निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है। पूजा स्थल और आसपास के क्षेत्र को रंग-बिरंगी लड़ी, आकर्षक रोशनी और सजावटी सामग्री से सजाने की तैयारी की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूजा परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। बाघोपुर बाजार का मां वैष्णवी मनोकामना दुर्गा मंदिर पिछले 91 वर्षों से क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर में वर्ष 1935 से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से शुरू हुई पूजा की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है।

पूजा समिति के अनुसार हर वर्ष नवरात्र के दौरान शिवाजीनगर प्रखंड के अलावा रोसड़ा और खानपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। खासकर महिलाओं की संख्या काफी अधिक रहती है। 40 से 50 गांवों की महिलाएं पहुंचती हैं खोइछा भरने मंदिर के मुख्य पुजारी अवध किशोर महतो उर्फ वंदन महतो ने बताया कि नवरात्र के दौरान आसपास के करीब 40 से 50 गांवों से महिलाएं मां वैष्णवी का खोइछा भरने और अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना लेकर पहुंचती हैं।

सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर में महिलाओं की कतार लगी रहती है। श्रद्धालु मां के दरबार में पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि मां वैष्णवी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने के बाद उठते हैं । श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार माता की प्रतिमा निर्माण का खर्च भी उठाते हैं। इसके लिए पूजा समिति के पास श्रद्धालुओं की सूची भी बनी रहती है।

मुख्य पुजारी ने बताया कि वर्ष 1935 में यहां विधिवत पूजा की शुरुआत हुई थी। इससे पहले चुल्हाई बैठा द्वारा यहां पूजा-अर्चना की जाती थी। समय के साथ मंदिर की ख्याति आसपास के क्षेत्रों में फैलती गई और आज यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।

मिथिला रीति-रिवाज से होती है पूजा मंदिर में दुर्गा पूजा की अपनी अलग विशेषता है। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मिथिला रीति-रिवाज और पारंपरिक विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा समिति के अनुसार मंदिर में बलि प्रथा नहीं है। मां दुर्गा की पूजा पूरी तरह पारंपरिक एवं धार्मिक विधि से की जाती है। नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाते हैं।

पूजा समिति की ओर से बताया गया कि अष्टमी, नवमी और दशमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी चार दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। कार्यक्रम को लेकर समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
पंडाल को आकर्षक रूप देने में जुटे कारीगर
पूजा पंडाल के निर्माण में कलाकार और कारीगर जुटे हुए हैं।

पंडाल के ढांचे को आकर्षक स्वरूप देने के साथ-साथ उसे अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। प्रतिमा को भव्य एवं आकर्षक रूप देने के लिए कारीगर बारीकी से काम कर रहे हैं। प्रतिमा और पंडाल का निर्माण पूरा होने के बाद पूजा स्थल का स्वरूप और अधिक आकर्षक होने की उम्मीद है। पूजा स्थल के साथ आसपास के क्षेत्रों में रंग-बिरंगी लाइट और लड़ी लगाने की भी तैयारी है।

पूजा समिति के अनुसार बाघोपुर बाजार स्थित यह मंदिर न केवल बंधार पंचायत बल्कि आसपास के कई गांवों के लोगों की आस्था से जुड़ा है। शिवाजीनगर प्रखंड के विभिन्न हिस्सों के अलावा रोसड़ा और खानपुर प्रखंड से भी महिला, पुरुष और बच्चे यहां माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है।

दुर्गा पूजा के अवसर पर पूजा पंडाल के साथ मेला भी लगाया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए मीना बाजार, टावर झूला, मिठाई की दुकान समेत विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाने की तैयारी है। इससे पूजा स्थल पर मेले का आकर्षण और बढ़ेगा।

ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने पर भी समिति का विशेष जोर है। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए पूजा समिति के सदस्य सक्रिय रहेंगे।

पूजा समिति के अध्यक्ष जनक महतो ने बताया कि 91 वर्षों से ग्रामीणों के सहयोग और श्रद्धालुओं की आस्था से पूजा समारोह आयोजित होता आ रहा है। सचिव मिथिलेश सहनी ने बताया कि इस वर्ष भी पूजा को भव्य स्वरूप देने के लिए सभी स्तर पर तैयारी की जा रही है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्य लगातार जुटे हुए हैं।

पूजा समिति के सदस्य अमरजीत कुशवाहा, टुनटुन सहनी, दिनेश सहनी, रमाकांत सहनी, शिक्षक रामचंद्र महतो, दिनेश महतो, सुरेश महतो, गणेशी सहनी, रामसागर साहनी, अरुण सहनी, सुधीर सहनी, राहुल कुमार सहित अन्य ग्रामीण आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और ग्रामीणों के सहयोग से इस वर्ष भी मां वैष्णवी मनोकामना दुर्गा मंदिर में दुर्गा पूजा भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाएगी।

*कला, संस्कृति और सृजन के सम्मान का साक्षी बनेगा दलसिंहसराय, देशभर के कलाकारों की मौजूदगी में होगा ‘सृजनोत्सव’ 16वाँ शारदीय नवरात्र महोत्सव सम्मान समारोह – Doorbeen News*

कला, संस्कृति और सृजन के सम्मान का साक्षी बनेगा दलसिंहसराय, देशभर के कलाकारों की मौजूदगी में होगा ‘सृजनोत्सव’ 16वाँ शारदीय नवरात्र महोत्सव सम्मान समारोह

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *