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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर के खानपुर। गरीबों और भूमिहीनों की विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा माले एवं अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले खानपुर अंचल सह प्रखंड मुख्यालय पर चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त हो गया। अंचलाधिकारी प्रिया आर्यानी के साथ प्रतिनिधिमंडल की वार्ता के बाद मांगों पर आवश्यक पहल का आश्वासन दिया गया। इसके बाद अंचलाधिकारी ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
आठ कार्यकर्ता बैठे थे अनशन पर
आंदोलन के तहत रामविनय पासवान, पांचू राम, मनोज पासवान, विरजू पासवान, दीपक राम, मुकेश सदा, शंकर पासवान और हीरा देवी 31 अगस्त से उपवास सत्याग्रह पर बैठे थे। इनके समर्थन में बड़ी संख्या में गरीब और भूमिहीन लोग भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान सभा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता खेग्रामस के प्रखंड अध्यक्ष रामनाथ साह ने की, जबकि संचालन भाकपा माले के प्रखंड सचिव रामविनय पासवान ने किया।
सभा को खेग्रामस के जिला सचिव सह राज्य उपाध्यक्ष जीवछ पासवान, सत्यनारायण महतो, माले के पूर्व प्रखंड सचिव सह सेवानिवृत्त शिक्षक बुधन महतो, जितेंद्र कुमार कुशवाहा, रामनाथ साह, राजकुमार शर्मा, कुशेश्वर पासवान, पूर्व सरपंच राहुल कुमार, रामकुमार राय, लक्ष्मण कुमार समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया।
भूमिहीनों को जमीन और आवास देने की मांग
जीवछ पासवान ने कहा कि गरीब भूमिहीनों की समस्याओं को लेकर संगठन लगातार आंदोलन करता रहा है। उन्होंने खानपुर अंचल के विभिन्न गांवों में वर्षों से बसे भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा और जमीन का अधिकार देने की मांग उठाई।
आंदोलनकारियों ने भोरे जयराम में सीलिंग एक्ट से फालतू जमीन पर बसे भूमिहीनों तथा पुरुषोत्तमपुर अनु पंचायत के मिल्की गांव में वर्षों से रह रहे महादलित परिवारों को वासगीत पर्चा देने की मांग की। इसके अलावा रेवाड़ा, बावन घाट, सादीपुर घाट, खानपुर उत्तरी-दक्षिणी, श्रीपुर गाहर सहित विभिन्न गांवों में भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देकर बसाने की मांग रखी।
पोखर के भिंडा पर वर्षों से बसे भूमिहीन परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पक्का सरकारी आवास, भूदान की जमीन के प्रमाणपत्र धारकों के बीच जमीन वितरण और सरकारी जमीन की बंदोबस्ती सहित कई मुद्दे भी उठाए गए।
राशन कार्ड से लेकर मजदूरी बढ़ाने तक की मांग
आंदोलनकारियों ने गरीबों के राशन कार्ड से हटाए गए नाम फिर से जोड़ने, अकुशल मजदूरों की मजदूरी 700 रुपये करने, जी-राम-जी कानून के तहत काम देने और न्यूनतम सरकारी मजदूरी लागू करने की मांग की। प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी मांग की गई।
इसके अलावा सफाई और होल्डिंग टैक्स की वसूली पर रोक, बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को 3,000 रुपये मासिक पेंशन, शिक्षा के निजीकरण पर रोक, सरकारी विद्यालयों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करने तथा अति पिछड़ी जातियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए कानून बनाने की मांग रखी गई।


सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से हुई वार्ता
देर शाम अंचलाधिकारी प्रिया आर्यानी के साथ सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई। वार्ता में आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। अंचलाधिकारी की ओर से मांगों पर आवश्यक पहल और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अनशन समाप्त करने पर सहमति बनी।
इसके बाद अंचलाधिकारी ने रामविनय पासवान, पांचू राम, मनोज पासवान, दीपक राम, मुकेश सदा, विरजू पासवान, शंकर पासवान और हीरा देवी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

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