व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें
Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। जिले में आज से किसानों को ऑन लाइन खाद मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। यह प्रक्रिया 31 अगस्त के प्रशिक्षण देने के बाद शुरू किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ सुमित सौरभ ने बताया कि किसानों को खाद की बुकिंग में सहायता उपलब्ध कराने के लिए पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, एटीएम, बीटीएम और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं थोक/खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। जिससे किसी तरह की परेशानी ना हो।
उन्होंने बताया कि रैयत और गैर रैयत किसानों को यह लाभ मिलेगा। अगर जो किसान स्वंय खाद नही लाने जायेगा, तो उसके बदले जो भी व्यक्ति खाद लाने के लिए जाएंगे, उसे अपना आधार कार्ड और ऑन लाइन बुकिंग के दौरान मिलने वाला क्यूआर कोड या टोकन ओटीपी देना होगा। उन्होंने कहा कि ऑन लाईन करने के लिए प्ले स्टोर से फ्रेमवर्क फ़ॉर फर्टीलाइजर सेल नामक एप डाऊनलोड करना होगा।


किसानों के लिए खाद खरीदने की प्रक्रिया अब और आसान बनाने के लिए कृषि विभाग की नई डिजिटल व्यवस्था के तहत की है। यानी कि 1 सितंबर 2026 से किसान घर बैठे मोबाइल एप के माध्यम से खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। ताकि किसान को खाद के लिए दुकानों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि किसानों को उर्वरक खरीद में अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से डिजिटल प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से किसान अपने मोबाइल से खाद की बुकिंग कर सकेंगे।


फार्मर आईडी के लिए किसान की पहचान से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। जिन किसानों के नाम पर जमीन दर्ज है, उनके लिए प्रक्रिया आसान होगी। वहीं जिनकी जमीन उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है, लेकिन जमाबंदी में उनका नाम दर्ज नहीं है, उन्हें भी निर्धारित प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। इसके अलावा संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन, सरकारी भूमि, संस्थागत भूमि, पोखर एवं अन्य भूमि पर खेती करने वाले किसानों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद की बुकिंग की सुविधा दी जाएगी।
नई व्यवस्था में किसान अपने मोबाइल फोन में एप इंस्टॉल करने के बाद आधार संख्या और ओटीपी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद किसान अपने खेत का विवरण और उसमें लगी फसल की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके आधार पर संबंधित फसल के लिए प्रस्तावित उर्वरक की मात्रा मोबाइल एप पर प्रदर्शित होगी।


किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद की मात्रा का चयन कर ऑनलाइन बुकिंग करेंगे। बुकिंग के बाद किसान को उर्वरक विक्रेता के पास जाकर खाद प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। विभाग के अनुसार इससे खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी भी आसान होगी।
कृषि विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य खाद की कालाबाजारी, अनियमित वितरण और किसानों को होने वाली परेशानी को कम करना है। डिजिटल बुकिंग के कारण यह भी पता चल सकेगा कि किस किसान ने कितनी मात्रा में खाद की बुकिंग की और उसे कहां से खाद उपलब्ध कराई गई।

*डिम्पी गर्ग बने पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक – Doorbeen News*





