प्रो. उमेश कुमार के तीन वर्षीय कार्यकाल की पूर्णता पर विदाई एवं नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार का स्वागत

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Doorbeen News Desk: हिंदी विभाग में विभागाध्यक्ष के रूप में प्रो. उमेश कुमार के तीन वर्षीय कार्यकाल की पूर्णता के अवसर पर सम्मान-समारोह एवं नवनियुक्त विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने दोनों शिक्षकों के प्रति अपने सम्मान और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत गीत की प्रस्तुति से हुई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. विजय कुमार ने कहा कि “पढ़ना और पढ़ाना दुनिया का सबसे अच्छा काम है।” उन्होंने वर्तमान शिक्षा-व्यवस्था में आए परिवर्तनों, विशेषकर सेमेस्टर प्रणाली, का उल्लेख करते हुए कहा कि आज शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के सामने नई चुनौतियाँ हैं। ऐसे समय में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर और एकाग्र रहने का संदेश दिया तथा कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का आधार है।

विदाई समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि “कोई प्रोफेसर कभी रिटायर नहीं होता।” उन्होंने कहा कि अध्यापन केवल नौकरी या पद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो जीवनभर व्यक्ति के साथ रहती है। उन्होंने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल के दौरान विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से मिले सहयोग और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग से जुड़ा आत्मीय संबंध पद की अवधि समाप्त होने के साथ समाप्त नहीं होता। उन्होंने विभाग के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

वक्ताओं ने प्रो. उमेश कुमार के तीन वर्षीय कार्यकाल को विभाग के लिए महत्वपूर्ण और उपलब्धिपूर्ण बताया। उनके कार्यकाल में विभाग में न केवल प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया गया, बल्कि शिक्षकों एवं शोधार्थियों के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय की भावना को भी मजबूती मिली। वक्ताओं ने कहा कि प्रो. उमेश कुमार ने विभागाध्यक्ष के दायित्व को केवल एक पद के रूप में नहीं, बल्कि एक परिवार के मुखिया की तरह निभाया। विभाग की किसी भी समस्या को उन्होंने गंभीरता से सुना और उसके समाधान के लिए प्रयास किया।

कार्यक्रम में प्रो. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने प्रो. उमेश कुमार एवं प्रो. विजय कुमार के साथ अपने आत्मीय संबंधों को स्मरण करते हुए कहा कि दोनों ने अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। उन्होंने प्रो. उमेश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके सरल एवं सौम्य व्यक्तित्व को रेखांकित किया। वहीं प्रो. विजय कुमार के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उन्हें न्यायप्रिय, गंभीर और संवेदनशील व्यक्तित्व का धनी बताया।

डॉ. महेश कुमार सिन्हा ने भी प्रो. उमेश कुमार के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने विभागीय दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ किया। उन्होंने नवनियुक्त विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में विभाग अकादमिक एवं शोध के क्षेत्र में और आगे बढ़ेगा।

डॉ. मंजरी खरे ने अपने वक्तव्य में प्रो. उमेश कुमार के व्यक्तित्व और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यों को सहजता और सकारात्मक भाव से पूरा किया। उनके कार्यकाल में धैर्य, सहयोग और समय के सदुपयोग की भावना दिखाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की प्रगति केवल प्रशासनिक निर्णयों से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सहयोग से संभव होती है।

समारोह में शोध के क्षेत्र में नवीन प्रयोग, गुणवत्तापूर्ण शोध और शोधार्थियों के मार्गदर्शन पर भी विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शोधार्थियों को अपने विषय में नए प्रयोग करते हुए मानक स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। शिक्षा और अनुसंधान के प्रति समर्पण ही किसी शिक्षक की वास्तविक पहचान बनाता है।

डॉ. बिंदु चौहान ने प्रो. उमेश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग में सहयोग और आत्मीयता का वातावरण बना रहा। उन्होंने उनके सहज एवं सहयोगी व्यवहार को रेखांकित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं।

नवनियुक्त विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनके अनुभव, शैक्षणिक दृष्टि और नेतृत्व क्षमता से विभाग को नई दिशा मिलेगी। उनसे अपेक्षा की गई कि वे हिंदी विभाग की समृद्ध परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाते हुए शोध, अध्यापन और अकादमिक गतिविधियों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

समारोह के अंत में प्रो. उमेश कुमार को उनके सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ एवं भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ दी गईं तथा प्रो. विजय कुमार का अभिनंदन करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की गई। कार्यक्रम आत्मीयता, सम्मान और भावुकता के वातावरण में संपन्न हुआ। विभाग के वरीय और कनीय शोधार्थी सहित विभाग के स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं नबी हुसैन, सुभद्रा कुमारी, रुबी कुमारी, मलय नीरव, बबिता कुमारी, अंशु कुमारी, अमित कुमार, बेबी कुमारी,रोहित कुमार पटेल, कंचन रजक, जय प्रकाश कुमार, संध्या राय, शिवानी कुमारी, अपर्णा कुमारी, स्नेहा कुमारी, कुमारी नेहा, सुफिया खातून, ज्योति सिन्हा, विद्यासागर, दर्शन सुधाकर, अभिनव, दीपक कुमार सहित अनेक छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही।

*जन्तु विज्ञान विभाग में “आधुनिक समस्याओं के अभिनव समाधान में जैव-अनुकरण की भूमिका” व्याख्यान आयोजित – Doorbeen News*

जन्तु विज्ञान विभाग में “आधुनिक समस्याओं के अभिनव समाधान में जैव-अनुकरण की भूमिका” व्याख्यान आयोजित

 

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