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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। समस्तीपुर के शिक्षक विनोद कुमार बिमल ने नई दिल्ली स्थित सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में भाग लेकर जिले और बिहार का गौरव बढ़ाया। 27 से 31 जुलाई तक आयोजित “शिक्षा के लिए एकीकृत दृष्टिकोण” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के 18 राज्यों से चयनित करीब 120 प्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें बिहार से 15 शिक्षक शामिल थे।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा, कला, संस्कृति, साहित्य, नाट्यकला, कठपुतली कला, मूर्तिकला, अभिनय, स्वास्थ्य और योग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को शिक्षा से जोड़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों को नई सोच और नवाचारों से परिचित कराना था।



प्रतिभागियों ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत कुतुब कॉम्प्लेक्स और राय पिथौरा परिसर का भ्रमण कर भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों का अध्ययन किया तथा अपने अनुभवों पर आधारित प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में समस्तीपुर के शिक्षक विनोद कुमार बिमल ने बिहार की लोककला, लोकसंस्कृति और विद्यालयों में संचालित शैक्षिक नवाचारों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण कर राष्ट्रीय स्तर पर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति को सराहना मिली और इसे बिहार की सांस्कृतिक पहचान एवं शैक्षिक सृजनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।
इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्राप्त अनुभव विद्यालयी शिक्षा को अधिक प्रभावी, संस्कारयुक्त और जीवनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



*जन संवाद में DM ने सुनीं आमजनों की समस्याएँ, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के दिए निर्देश – Doorbeen News*
जन संवाद में DM ने सुनीं आमजनों की समस्याएँ, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के दिए निर्देश






