व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें
समस्तीपुर। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ, समस्तीपुर ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 एवं संशोधित नियमावली 2017 में संशोधन कर वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार राय एवं प्रधान सचिव अनिल कुमार के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में संघ ने आग्रह किया कि संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाए। संघ का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद ऐसी स्थिति बन गई है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी की अनिवार्यता लागू हो सकती है, जबकि उनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकारी नियमों और निर्धारित शर्तों के तहत हुई थी।


संघ ने इसे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि कई शिक्षक तीन दशक से अधिक समय से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उन पर अब टीईटी की शर्त लागू करना न्याय के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत होगा।
जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने केंद्र सरकार से आरटीई नियमावली में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट या शिथिलता प्रदान करने की मांग की है। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेकर उनकी लंबे समय से लंबित मांग का समाधान करेगी।



*समस्तीपुर जंक्शन से फिर तीन साल के मासूम का अपहरण, प्लेटफॉर्म पर खेलते-खेलते हुआ गायब – Doorbeen News*
समस्तीपुर जंक्शन से फिर तीन साल के मासूम का अपहरण, प्लेटफॉर्म पर खेलते-खेलते हुआ गायब





