नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस पर महिला किसानों के सशक्तिकरण पर जोर, ज्ञान और नवाचार से आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश

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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर कल्याणपुर एफपीओ, लदौरा में महिला किसानों के सशक्तिकरण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के विशेष संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “कृषि में महिलाएं: ज्ञान, नवाचार एवं सामूहिक प्रयास के माध्यम से सशक्तिकरण” रखा गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला किसानों और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान महिला नेतृत्व वाले कृषि उद्यमों के सफल मॉडल और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों की जानकारी साझा की गई। साथ ही कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला किसानों और महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) अभिनव कृष्ण ने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास में महिला किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, आधुनिक तकनीक, नवाचार, उद्यमिता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकती हैं।

उन्होंने बताया कि नाबार्ड स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से महिला किसानों की आर्थिक भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की वैज्ञानिक डॉ. नीलम कुमारी ने महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जलवायु अनुकूल खेती और सतत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। उन्होंने बदलते मौसम के अनुरूप खेती के नए तरीकों को अपनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम में यूको बैंक के प्रबंधक, एफपीओ के पदाधिकारी, महिला किसान, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने सामूहिक प्रयास, तकनीकी जानकारी और नवाचार को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बताया।

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