व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें
Samastipur News: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी संस्थानों की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंगलवार को बीडीओ आलोक कुमार सिंह ने रजौर रामभद्रपुर एवं बंधार पंचायत का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट डब्ल्यूपीयू, शौचालय निर्माण कार्य, मनरेगा भवन, आंगनबाड़ी केंद्र तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान कई स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने संबंधित कर्मियों एवं विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। बीडीओ ने सबसे पहले रजौर रामभद्रपुर एवं बंधार पंचायत के डब्ल्यूपीयू वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट निष्पादन की प्रक्रिया तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।


निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मियों को नियमित रूप से परिसर की स्वच्छता बनाए रखने एवं कचरा प्रबंधन कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद करियन पंचायत के वार्ड 2 एवं 3 में शौचालयों की जांच की गई। बीडीओ ने लाभुकों से बातचीत कर शौचालयों के उपयोग एवं उनकी स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित कर्मियों को शत-प्रतिशत उपयोगिता सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया।
इसी क्रम में आगामी 16 जून को आयोजित होने वाले सहयोग शिविर की तैयारियों को लेकर बंधार पंचायत के मनरेगा भवन का निरीक्षण किया गया। उन्होंने शिविर की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान बंधार गांव के आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-80 की स्थिति देखकर बीडीओ खासे नाराज दिखे। केंद्र का मुख्य द्वार बंद पाया गया, जबकि अंदर बच्चों एवं सेविका की उपस्थिति बेहद कम थी। बच्चे निर्धारित पोशाक में नहीं थे तथा सहायिका भी अनुपस्थित मिली। केंद्र पर पेयजल की व्यवस्था बाधित थी। चापाकल खराब पड़ा था तथा शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी।


बच्चों की कम उपस्थिति एवं बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर बीडीओ ने गंभीर चिंता जताई। इसके बाद उन्होंने बंधार गांव के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी समय में चिकित्सक अनुपस्थित मिले। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चारों ओर घास-फूस फैला हुआ था तथा साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। अस्पताल के विभिन्न कमरों में धूल जमी हुई थी और शौचालयों की स्थिति भी दयनीय थी।
इन अव्यवस्थाओं को देखकर बीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई तथा तत्काल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमित कुमार को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, चिकित्सकीय उपस्थिति एवं मूलभूत सुविधाओं में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के बाद बीडीओ आलोक कुमार सिंह ने कहा कि डब्ल्यूपीयू एवं सामुदायिक भवन के निरीक्षण के दौरान संयोगवश आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र की वास्तविक स्थिति देखने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। बच्चों की उपस्थिति, पेयजल, शौचालय तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं में गंभीर कमी दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि संबंधित सेविका एवं सहायिका द्वारा अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया जा रहा है। मामले की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को भेजी जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े संस्थानों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्था सुधार के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।


*ऑपरेशन मुस्कान की बड़ी सफलता: समस्तीपुर पुलिस ने 23 लाख के 91 गुम मोबाइल लौटाए, 1820 फोन बरामद कर बनाया रिकॉर्ड – Doorbeen News*





