समस्तीपुर में HPV टीकाकरण की रफ्तार धीमी, 18 हजार से अधिक बालिकाएं दूसरी डोज के इंतजार में

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समस्तीपुर | सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की रफ्तार जिले में धीमी पड़ती नजर आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार 8 फरवरी 2025 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 20,815 बालिकाओं को पहली खुराक दी जा चुकी है, लेकिन दूसरी खुराक के मामले में स्थिति चिंताजनक है।

प्रेसवार्ता में सीएस डॉ राजीव कुमार ने कहा कि 9 अप्रैल 2026 तक 18,299 बालिकाएं दूसरी खुराक के लिए निर्धारित (Due) हैं, जबकि इनमें से केवल 2,250 बालिकाओं को ही दूसरी खुराक दी जा सकी है। यह आंकड़ा अभियान की धीमी प्रगति को दर्शाता है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग अब सख्त नजर रख रहा है।

क्या है HPV और क्यों जरूरी है टीकाकरण?
महिला रोग विशेषयज्ञ डॉ मंजुला भगत ने कहा कि HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का प्रमुख कारण है। भारत में यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है।

हर 4 मिनट में एक नया मामला सामने आता है
हर 7 मिनट में एक महिला की मौत होती है
एचपीवी 16 और 18 प्रकार करीब 77% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सही उम्र में टीकाकरण कराया जाए तो भविष्य में कैंसर का खतरा 30% तक कम किया जा सकता है।

डीआईओ डॉ विशाल कुमार ने बताया कि लक्षित आयु वर्ग: 9 से 14 वर्ष की बालिकाएं को टिका देना है। सबसे प्रभावी उम्र: 14 वर्ष पूरा और 15 वर्ष से कम। डोज: वर्तमान में एक खुराक पर्याप्त मानी जा रही है। सुरक्षा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित, पूरी तरह सुरक्षित।

सरकार की पहल और उपलब्धता
स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्तमान में GARDASIL वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। यह टीका सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क दिया जा रहा है।
महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने इस अभियान के विस्तार की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को इस घातक बीमारी से सुरक्षित करना है।

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