प्रवेशोत्सव अभियान को सफल बनाने के लिए अनोखी प्रभात फेरी, ढोल-मंजीरे की धुन पर गूंजे नामांकन के नारे

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समस्तीपुर:  शिवाजीनगरप्र खंड अंतर्गत मधुरापुर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय कनखरिया में शुक्रवार को नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अवसर पर प्रवेशोत्सव अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से एक अनोखी प्रभात फेरी निकाली गई। इस प्रभात फेरी के माध्यम से विद्यालय के पोषक क्षेत्र के 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया गया।

विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने ढोल, मंजीरे और उत्साहपूर्ण नारों के साथ पूरे गांव में भ्रमण किया। प्रभात फेरी का नेतृत्व प्रधान शिक्षक मोहम्मद अब्दुल्लाह ने किया। इस दौरान बच्चों ने हर बच्चा स्कूल जाए, देश का भविष्य संवर जाए, छोटा हो या बड़ा, सबको पढ़ना है जरूरी, कोई न छूटे अबकी बार, शिक्षा है सबका अधिकार। एक भी बच्चा छूटा, संकल्प हमारा टूटा। शिक्षा ऐसी सीढी है, चलती जिससे पीढ़ी है। हम भी स्कूल जाएंगे, पापा का मान बनाएंगे। जैसे गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल शिक्षा के प्रति जागरूकता से भर गया।

प्रभात फेरी की सबसे खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक तरीके से हटकर ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक के साथ निकाला गया। जैसे ही गांव में यह टोली पहुंची, ढोल-मंजीरे की आवाज सुनकर लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और इस अभियान के बारे में जानकारी लेने लगे। बच्चों और शिक्षकों ने अभिभावकों को समझाया कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है और सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन बेहद जरूरी है।

प्रधान शिक्षक मोहम्मद अब्दुल्लाह ने बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रवेशोत्सव अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि पोषक क्षेत्र का एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। इसके लिए हम लगातार अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं। आज की प्रभात फेरी उसी अभियान का हिस्सा है, जिसमें बच्चों की भागीदारी से एक सकारात्मक संदेश पूरे समाज में पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय परिवार आने वाले दिनों में भी घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेगा और बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेगा।

इस अभियान के माध्यम से शिक्षा के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक अनिरुद्ध कुमार, विक्रम सैनी सहित अन्य शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा। वहीं विद्यालय के बच्चों ने भी पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लेकर इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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