व्हाट्सएप से जुडने के लिए यहां क्लीक करें
शिवाजीनगर में सुरक्षित शनिवार: आगलगी के खतरे और बिजली के घात के संबंध में बच्चों को किया गया जागरूक
Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मार्च माह के प्रथम शनिवार को सभी सरकारी विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जागरूकता के साथ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का मुख्य विषय आगलगी के खतरे और बिजली का घात के संबंध में जागरूक करते हुए इस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया।

प्रखंड के प्राथमिक, मध्य एवं उत्क्रमित विद्यालयों में छात्र छात्राओं को सैद्धांतिक ज्ञान के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि आगलगी व विद्युत घात जैसी आपदा की स्थिति में वे घबराने के बजाय सही और सुरक्षित निर्णय ले सकें। कार्यक्रम के दौरान आगलगी के और बिजली के घात से निपटने के लिए तैयार रहने के प्रति जागरूक नागरिक का फर्ज निभाना सहित अनेक टिप्स बताए गए। कार्यक्रम में क्या करें और क्या न करें पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

यह जागरूकता अभियान प्रखंड के सभी विद्यालयों में आयोजित किया गया। सभी स्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं नोडल शिक्षक और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही। छात्र-छात्राओं ने पूरे अनुशासन के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आपदा प्रबंधन के जरूरी गुर सीखे। मौके पर पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, मो. अब्दुल्लाह, सत्यनारायण आर्य, अरुण पासवान, सतोष कुमार, नीलू कुमारी, रामनाथ पंडित, हीरानंद झा, अवधेश चौधरी, मदन कुमार, अजय कुमार राय, संजीव कुमार, उमेश प्रसाद राय,

शांति भूषण, अरुण कुमार, प्रकाश कुमार, सुशील कुमार, और रामबाबू सिंह समेत सभी विद्यालय में प्रधानाध्यापक शिक्षक शिक्षिका एवं छात्र-छात्रा मौजूद थे। सभी शिक्षकों ने बच्चों को न केवल तकनीकी जानकारी दी, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत रहने, टीमवर्क और संकट की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करने की प्रेरणा भी दी। शिक्षकों ने कहा कि सुरक्षित शनिवार के तहत इस तरह के नियमित प्रशिक्षण बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि विद्यालयों में समय-समय पर आपदा प्रबंधन से जुड़े अभ्यास और मॉक ड्रिल कराए जाते हैं। कुल मिलाकर, शिवाजीनगर प्रखंड में सुरक्षित शनिवार का आयोजन जागरूकता, अनुशासन और व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ संपन्न हुआ।







