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समस्तीपुर सदर अस्पताल को पटरी पर लाना, नए सिविल सर्जन के लिए होगी चुनौती
Doorbeen News Desk: समस्तीपुर सिविल सर्जन के रूप में डॉक्टर राजीव कुमार ने 11 फरवरी को योगदान दे दिया है। सोमवार से कार्यालय के सभी कार्यों को किया। इस दौरान उन्होंने हर कर्मचारी से परिचय प्राप्त कर उनके कोटे में दिए गए कार्यों के बारे में जानकारी ली। वही कई डॉक्टरों से मिलकर उन्होंने, यहां के भूगोल के बारे में जाना। समस्तीपुर जिला स्वास्थ्य महकमा के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
सदर अस्पताल की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए की सीएस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कहने को लेकर सदर अस्पताल में डॉक्टर एवं कर्मियों की संख्या काफी हद तक ठीक है। हड्डी विशेषज्ञ को छोड़कर अन्य सभी डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध है। वही जांच में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पैथेलोजिकल आदि भी व्यवस्था है। बावजूद यहां आने वाले मरीजों को दलाल बहला कर ले जाते हैं।


इसमें कही ना कही कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की भी संलिप्तता होती है। वही कतिपय डॉक्टर भी काम छोड़कर भागने के लिए तैयार रहते हैं। ताकि काम नही करना पड़े। कहने को डॉक्टरों का रोस्टर तो बनता है, लेकिन पालन नही होता। यूं कहें डॉक्टर रोस्टर तो ड्यूटी है, पर धरातल पर नही।
अब नए सिविल सर्जन के लिए सभी डॉक्टर को रोस्टर पालन करना चुनौती होंगी। सदर अस्पताल में अभी लगभग 60 डॉक्टर है। लेकिन शायद अधिकांश डॉक्टर मुख्यालय में नही रहते। इसका खुलासा अस्पताल में लगे CCTV से भी किया जा सकता है।








