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नई पहल : अस्पताल में संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं को डिस्चार्ज के समय दिया जा रहा “जच्चा-बच्चा पोषण किट”
दूरबीन न्यूज डेस्क। सरकार अब मातृत्व के प्रति अपनी गंभीरता को और मजबूती से जमीन पर उतार रही है। अब सदर अस्पताल समेत सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के बाद माताओं को न सिर्फ समुचित इलाज, बल्कि पोषण का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की एक नई पहल के तहत संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं को डिस्चार्ज के समय “जच्चा-बच्चा पोषण किट” मुफ्त प्रदान की जा रही है।


इस किट में सुधा स्पेशल घी, खिचड़ी प्रीमिक्स, नमकीन दलिया प्रीमिक्स, राइस खीर प्रीमिक्स, सुधा ठेकुआ और बेसन बर्फी जैसे पोषक खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
यह किट कॉमफेड द्वारा स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों के अनुसार टैम्पर-प्रूफ पैकिंग में तैयार की गई है। यह किट विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है, जो प्रसव के बाद महिला को उचित पोषण नहीं दे पाते। ऐसे में यह किट मां की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मददगार है। पौष्टिक आहार से न केवल मां की ऊर्जा की भरपाई होती है, बल्कि यह एनीमिया जैसी समस्याओं से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को प्रोत्साहित करना और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है। सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से यह योजना सफलतापूर्वक लागू की जा रही है और महिलाओं के बीच इसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है। यह न केवल महिलाओं को सरकारी अस्पतालों की ओर आकर्षित करेगा, बल्कि उनके पोषण और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखेगा।
किट में पोषण सामग्री के साथ-साथ एक विवरणिका भी दी जा रही है, जिसमें टीकाकरण की पूरी सूची और जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी शामिल है। इससे मां को यह जानकारी मिलती है कि नवजात को कौन सा टीका कब देना है, और उन्हें किन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रही है।







