धर्म से जुड़ने पर जीवन में होता है त्याग और परोपकार की भावना का सृजन: स्वामी श्री राघवाचार्य जी महराज

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धर्म से जुड़ने पर जीवन में होता है त्याग और परोपकार की भावना का सृजन: स्वामी श्री राघवाचार्य जी महराज

दूरबीन न्यूज डेस्क। खानपुर प्रखंड क्षेत्र के बसंतपुर गांव में आयोजित हो रहे श्री श्री 1008 रामचरितमानस महायज्ञ में चल रहे रामकथा के छठे दिन प्रवचनकर्ता जगतगुरू स्वामी श्री राघवाचार्य जी महराज ने ने राम कथा का रसपान कराया। आज के कथा में राम विवाह, गुरु शिष्य परंपरा एवं पितृ ऋण से जुड़े प्रसंग की चर्चा किया।

श्री रामचरितमानस महा में आयोजित रामकथा के छठे दिवस पर प्रवचनकर्ता अयोध्या से आए सुप्रसिद्ध संत जगतगुरू स्वामी श्री राघवाचार्य जी महराज ने राम कथा का रसपान कराया। उन्होंने श्रीराम के अवतार के महत्व को बताते हुए कहा बिप्र धेनु सुर संत हित, लीन्ह मनुज अवतार। उन्होंने प्रवचन में कहा कि समाज में वर्ग और जाति का भेदभाव चाहे जितना भी हो, लेकिन जीवन की आकांक्षाएं चार मूल तत्वों अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष में निहित हैं।

धर्म हमारे जीवन में त्याग और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करता है और मृत्यु को केवल शरीर का परिवर्तन मानता है। उन्होंने पुनर्जन्म, स्वर्ग-नरक और कर्म के प्रभाव पर भी विस्तार से चर्चा की। स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य को अपने पवित्र चरित्र एवं आचरण से समाज का सही मार्गदर्शन करना चाहिए, क्योंकि सत्ता और समृद्धि की आकांक्षा व्यक्ति को निष्पक्ष नहीं रहने देती। उन्होंने बताया कि विप्र (ब्राह्मण), गौ (गाय), देवता और संत, इन चारों की सेवा से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

स्वामी जी ने आज कथा में राम सीता विवाह से जुड़े प्रसंग सुनाते हुए कहा गुरुजनों की आज्ञा से प्रभु श्री राम व माता जानकी ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई, इसके उपरांत शिव जी के धनुष टूटने से क्रोध में आए भगवान परशुराम जी एवं लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का वर्णन सुनाया जिसे सुनकर श्रोतागण गदगद हो उठे। संगीतमय भजन-आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!”पर श्रोता झूमकर नृत्य करने लगे।
कथा का समापन व्यासपीठ की आरती के साथ हुआ।

मौके पर यज्ञ अध्यक्ष आचार्य श्री भरत दास जी महाराज,मुख्य यजमान शिव शंकर झा, रामशंकर झा, रूबी झा, प्रियांश झा, संदीप झा, पैक्स अध्यक्ष मुक्ति नारायण झा, पूर्व पैक्स अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार झा, मुखिया रविन्द्र प्रसाद महतो, भाजपा के वरिष्ठ नेता शशिकांत झा चुनचुन, गोपाल झा, मोहित झा, सचिन झा, बैजू झा, झाड़ू दास, यशवंत बादशाह आदि उपस्थित रहे।