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दूरबीन न्यूज डेस्क। इमरजेंसी वार्ड को लेकर बुलायी गयी बैठक में पहुंचे मात्र 4 डॉक्टर, बांकी से जवाब तलब। सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ऑन ड्यूटी समस्याओं के निष्पादन को लेकर मंगलवार को बैठक बुलायी गयी। लेकिन विडंबना रही की सीएस के द्वारा बुलायी गयी बैठक के बावजूद इमरजेंसी के डॉक्टर ससमय उपस्थित नहीं हो पाए। नतीजतन मेडिकल अफसरों की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध सीएस ने डीएस को सभी इमरजेंसी में कार्यरत डॉक्टरों से जवाब पूछने का निर्देश दिया है। आखिर किस परिस्थिति में बुलाए जाने के बावजूद बैठक में नहीं पहुंचे।



बतादें कि इमरजेंसी में आए दिन डॉक्टरों एवं कर्मियों के बीच सामांजस्य के आभाव के कारण आए दिन मरीजों को परेशानी होती है। जिसकी शिकायत सीएस से लेकर डीएम तक भी कई बार मरीजों के द्वारा की गयी है। यहां तक विधायक व सांसद को भी इसकी शिकायत की जाती है।
इसको देखते हुए सीएस ने इमरजेंसी की व्यवस्था में सुधार लाने एवं ऑन ड्यूटी आने वाली समस्याओं के निष्पादन को लेकर डॉक्टरों की बैठक बुलायी। इसमें इमरजेंसी में कार्यरत लगभग दर्जन भर डॉक्टरों को पूर्व से ही नोटिस दिया गया था।


इमरजेंसी के डॉक्टरों के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को साढ़े ग्यारह बजे बैठक बुलायी गयी। सीएस डॉ. एसके चौधरी समय से अपने कक्ष में पहुंच गए, लेकिन डॉक्टर नहीं थे। इसके बाद सीएस के कहने पर अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद द्वारा बारी-बारी से इमरजेंसी में कार्य करने वाले सभी चिकित्सकों को फोन कर साढे बारह बजे आने को कहा गया।
इसके बावजूद पौने दो बजे तक मात्र डॉ. सैयद मेराज, डॉ. चंदन चौधरी, डॉ. संतोष झा एवं डॉ. उत्सव कुमार ही उपस्थित हो सके। डॉक्टरों की लेटलतीफी एवं सूचना के बाद भी बैठक में नहीं आने पर सीएस काफी नाराज हो गए। बैठक के लिए पूर्व में दिए गए सूचना के बाद भी इमरजेंसी में कार्य करने वाले अधिकांश डॉक्टर उपस्थित नहीं हो सके।

इसको लेकर सीएस डॉ. एसके चौधरी ने डीएस को फोन कर गायब सभी दस डॉक्टरों से जवाब तलब करने का आदेश दिया है। साथ ही सोमवार की शाम सांसद शांभवी के निरीक्षण के दौरान रोस्टर ड्यूटी के बावजूद अनुपस्थित डॉक्टरों से भी जवाब मांगने का आदेश दिया गया है।
बतादें कि सदर अस्पताल में कार्यरत अधिकांश डॉक्टर मुख्यालय में नहीं रहते हैं। जिसके कारण आए दिन यह समस्या होती है। अधिकांश डॉक्टर दूसरे जिले से आकर ड्यूटी करते हैं। ऐसी स्थिति में नियमित आने के बजाए सप्ताह में एक या दो दिन आकर डॉक्टर पुन: वापस चले जाते हैं।


लेकिन विडंबना यह है कि उपस्थिति सभी दिन का दिखाया जाता है। सिविल सर्जन डा एसके चौधरी ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था को सुदृढ के लिए डॉक्टरों की बैठक बुलायी गयी थी। बावजूद सभी चिकित्सक नहीं पहुंच सके। इसके लिए संबंधित चिकित्सकों से जवाब पूछा गया है।






