स्वास्थ्य विभाग : संविदा नियोजन व विस्तार मामले में गलत प्रस्ताव तैयार बनाने वाले कर्मी को निलंबित करने का आदेश

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दूरबीन न्यूज डेस्क। स्वास्थ्य विभाग : संविदा नियोजन व विस्तार मामले में गलत प्रस्ताव तैयार बनाने वाले कर्मी को निलंबित करने का आदेश। समस्तीपुर स्वास्थ्य विभाग में संविदा नियोजन व संविदा विस्तार मामले में गलत प्रस्ताव तैयार करने के मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। डीएम ने दोषी कर्मियों के निलंबन की कार्रवाई करने के साथ सीएस को प्रपत्र क गठित करने का आदेश दिया है।

डीएम योगेंद्र सिंह के आदेश की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गया है। डीएम ने द्वारा जारी पत्र में सीएस को कहा गया है कि आपके कार्यालय द्वारा क्रमश रामनंदन रजक एवं रमेश प्रसाद संविदा लिपिक का सेवा विस्तार का प्रस्ताव जिला स्थापना प्रशाखा, समस्तीपुर को प्राप्त कराया गया।

इसके अतिरिक्त आपके कार्यालय द्वारा जनार्दन प्रसाद सिंह, फर्मासिस्ट, एएनएम किरण कुमारी, इन्द्रा कुमारी व इन्द्रासन कुमारी का संविदा नियोजन हेतु अनुशंसा के साथ अनुरोध किया गया था। विस्तृत जांचोपरान्त पाया गया है कि निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य निदेशालय के पत्रांकके अनुसार एएनएम का पद राज्य स्तरीय रहने के कारण जिला स्तरीय गठित समिति में विचार योग्य नही है।

उक्त संबंध में जिला गोपनीय प्रशाखा द्वारा उक्त प्रस्ताव तैयार करने में संलिप्त कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। लेकिम स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाया गया है। डीएम ने सीएस को उक्त मामले में संलिप्त कर्मी के विरूद्ध निलम्बन की कार्रवाई करते हुए प्रपत्र क गठित कर सूचित करने का आदेश दिया है।

बता दे की नियोजन पर संविदा नियोजन एवं नियोजन विस्तार करने के मामले में गड़बड़ी करने को लेकर  कर्मचारी महासंघ गोपगुट के सचिव अजय कुमार ने डीएम को उक्त मामले में जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद डीएम ने आपदा एडीएम को संविदा नियोजन एवं संविदा विस्तार के मामले में दिए गए प्रस्ताव की जांच करने का आदेश दिया था।

एडीएम के जांच में मामला गलत पाया गया। जिसके बाद डीएम ने उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संविदा नियोजन व संविदा विस्तार को तत्काल रद्द कर दिया था। साथी इसमें दोषी कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। इस मामले में सिविल सर्जन से भी जवाब तलब किया गया था। जवाब संतोष प्राप्त नहीं होने के कारण दोषी कर्मचारियों पर अब कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।

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