तीसरे चरण की शिक्षक बहाली पर कोर्ट ने लगायी रोक

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दूरबीन न्यूज डेस्क। तीसरे चरण की शिक्षक बहाली पर कोर्ट ने लगायी रोक। पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक महीने में अनुबंध शिक्षकों की तरह अतिथि शिक्षक को तरजीह देने के बारे में अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अतिथि शिक्षकों को रोजगार के प्रत्येक वर्ष के लिए 5 अंक और अधिकतम 25 अंक देने पर सरकार को जल्द निर्णय लेने को कहा है।

साथ ही कोर्ट ने तीसरे चरण में होने वाली शिक्षक बहाली के लिए 7 फरवरी को जारी विज्ञापन संख्या 22/2024 पर फिलहाल रोक लगा दी है। तीसरे चरण में 87,784 पदों पर बहाली होनी है।

न्यायमूर्ति अंजनी कुमार शरण की एकलपीठ ने संदीप कुमार झा सहित 10 अन्य अर्जी पर सुनवाई के बाद फैसला दिया। आवेदकों के अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा और आलोक अभिनव ने कोर्ट को बताया कि शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की बहाली के लिए विज्ञापन निकाला था।

आवेदकों ने अतिथि शिक्षकों के पद पर बहाल होकर कर्तव्यों का पालन करने लगें। यही नहीं, इन्हें लोकसभा, विधानसभा, पंचायत चुनाव सहित परीक्षा केंद्र और मूल्यांकन कार्यों में लगाया गया। कई अतिथि शिक्षकों को दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड में पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारी बनाकर भेजा गया।

भविष्य में होने वाली शिक्षक बहाली में अतिथि शिक्षकों को तरजीह देने की बात कही गई थी। अनुबंध शिक्षक और अतिथि शिक्षक दोनों एक समान कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। दोनों बतौर शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इनके बीच कोई अंतर नहीं है। तीसरे चरण की शिक्षक बहाली की परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द कर दी गई थी। (HH)

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