दूरबीन न्यूज डेस्क, समस्तीपुर। एक तरफ जहां टीबी मुक्त बनाने को लेकर देश भर में अभियान चल रहा है। वहीं समस्तीपुर में पिछले एक महीने से अधिक समय से टीबी की दवा उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण टीबी मरीजों का जहां इलाज बाधित हो गया है।
वहीं उनके नियमित दवा खाने का सिलसिला भी टूट गया है। दवा के लिए मरीज अस्पतालों का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन ऐसे मरीजों एवं उनके परिजनों को अस्पताल से बैरंग लौटना पड़ रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार जिले के सरकारी अस्पतालों में टीबी का दवा खत्म है। जिसके कारण फस्ट लाइन एवं एमडीआर मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। जिसके कारण जिले में लगभग दस हजार टीबी मरीजों का इलाज दवा के बिना बाधित है। सामर्थ्य व्यक्ति तो निजी दूकानों से दवा की खरीदी कर लेते हैं, लेकिन गरीब व आर्थिक तंगी झेल रहे मरीजों का इलाज ही बाधित हो गया है।

हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए दवा इंडेंट की प्रक्रिया की जा रही है। विभाग शीघ्र ही दवा मंगवाने का प्रयास भी कर रही है। लेकिन दवा कब तक अस्पतालों में उपलब्ध हो पाएगी, इसकी जानकारी विभाग के पास भी नहीं है। डीटीओ डॉ. विशाल कुमार ने बताया कि शीघ्र ही दवा उपलब्ध करा दी जाएगी। इंडेंट किया गया है। मरीजों की सुविधा के लिए प्रयास जारी है।

समस्तीपुर प्रखंड के विक्रमपुर बांद के संग्रामपुर निवासी मोनू पासवान टीबी मरीज हैं। जांच में टीबी कंफर्म होने के बाद वह आशा कार्यकर्ता गीता देवी के साथ सदर अस्पताल के ओपीडी में पहुंचे। लेकिन दवा नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पहले सीएस कार्यालय भेज दिया गया। बाद में ओपीडी भेज दिया गया। कहीं भी दवा नहीं मिली। वहीं उजियारपुर प्रखंड के बिरनामा तुला सुपौल के सुभाष कुमार ने बताया कि कई जगह का चक्कर लगाने के बाद बताया गया कि अभी दवा नहीं है। निजी दुकान में काफी महंगी दवा है।

समस्तीपुर जिले में पिछले तीन महीने में दो हजार से अधिक नए टीबी मरीजों की पहचान की गयी है। इसमें निजी अस्पतालों में चिंहित मरीजों की संख्या काफी अधिक है। विभाग से मिली जाानकारी के अनुसार जनवरी से मार्च 2024 तक जिले में 2249 टीबी मरीजों की पहचान हुई थी। इसमें सरकारी अस्पतालों में 837 मरीजों की पहचान की गयी। जबकि निजी अस्पतालों से 1312 मरीजों को रेफर किया गया है।

जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक समस्तीपुर जिले में कुल 8848 टीबी मरीजों की पहचान हो पायी थी। जिसका इलाज चल रहा है। इसमें सरकारी अस्पतालों में जांच के दैरान 3775 मरीजों की पहचान की गयी। जबकि निजी अस्पतालों में 5073 मरीजों को टीबी मरीज के रुप में पहचाान की गयी।

समस्तीपुर के जिला यक्ष्मा अधिकारी DTO डॉ विशाल कुमार ने कहा कि अभी स्टेट से ही दवा की कमी है। कुछ दवाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। इसके लिए इंडेंट किया गया है। शीघ्र ही दवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। दवा आते ही मरीजों को भी सूचित किया जाएगा।






