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समस्तीपुर। सत्ता के गलियारों में बैठे उन तमाम नकाब पोशों से परेशान जनता जनार्दन त्रस्त है और त्राहीमाम-त्राहि माम कर रही है। आज के वर्तमान परिदृश्य में जिस तरह से प्रजातंत्र का मज़ाक़ उड़ाया जा रहा है इससे देश और दुनिया में हमारा बिहार इन चंद नेताओं के कुकृत्य के कारण फिर शर्मसार हुआ है। सत्ता की चाभी लिए अपना और अपने परिवार को ही मलाई पड़ोसने में लगे रहते हैं और बिहार चारों तरफ से व्यापक भ्रष्टाचार और बदहाली से लिप्त है। आशुतोष आजाद ने कहा कि विकास की बात इन्हें अटपटा सा प्रतीत होता है।

जनता-जनार्दन मूकदर्शक है और सबके मन में एक संकल्प है कि व्यवस्था परिवर्तन होना चाहिए और बिहार की जनता विकल्प ढूंढ रही है। आज इस विकट स्थिति में लोग जन सुराज को ही देख रहें हैं। हम तमाम आम – आवाम, जनता – जनार्दन को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि आप अपनी आस्था जन सुराज में व्यक्त किए हैं, तो हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि जन सुराज आपका है और आगे आपको ही तय करना है कि बिहार कैसे देश के समृद्ध राज्यों में शामिल हो।


इसी परिकल्पना को जागृत करने बिहार के गांधी, बिहार के लाल, हमारे प्रेरणा स्रोत, मार्गदर्शक, पथ – प्रदर्शक प्रशांत किशोर विगत सोलह महीनों से अनवरत पदयात्रा कर जन सुराज अभियान में शामिल होने के उद्देश्य से बिहार के लगभग पैंतालिस सौ (4500) गांवों का भ्रमण कर एक दृढ़ संकल्प के साथ लोगों को जागृत करने का सुन्दर प्रयास कर रहे हैं और जनता – जनार्दन का अपार समर्थन मिल रहा है। इस सुन्दर प्रयास से ही बिहार का कायाकल्प होगा और जनता का सुन्दर राज “जन सुराज” बनेगा।


जहां जनता निर्णय लेगी कि कौन हमारा प्रतिनिधित्व करेगा..? मुखिया चोर नहीं होगा, विधायक और सांसद चोरी नहीं करेगा। एक स्वच्छ समाज का निर्माण होगा। पलायन मुक्त बिहार बनेगा। बिहार मजदूर की फैक्ट्री बनाने से मुक्त होगा। कल- कारखाने,उद्योग -व्यापार विकसित होगा। शिक्षा की बदहाली से मुक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी एवं उच्चतर शिक्षा व्यवस्था विकसित होगा। शासन व्यवस्था सुदृढ़ होगी। “जंगलराज” चाहे अपराधियों का राज हो या नौकरशाहों का राज (वर्तमान परिदृश्य में) इससे बिहार मुक्त होगा।







