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समस्तीपुर। शिक्षा विभाग समस्तीपुर का शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर “हौसला” कार्यक्रम शुरू करने का पहल किया गया। अक्सर देखा जाता हैं कि शिक्षकों में शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कार्यों कि वजह से तनाव का शिकायत होना आम हो गया हैं, इसकी वजह से बच्चो के पठान पठान कि प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा 31 जनवरी से इस कार्यक्रम का शुरुआत किया गया।

बता दें कि हौसला 21 दिनों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर आधारित ऑडियो कार्यक्रम है जो विशेषकर शिक्षकों व शिक्षाविदों को स्वयं के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न रणनीतियों और अभ्यासों के माध्यम से सहयोग करता है। इस कार्यक्रम से शिक्षक अपने दैनिक जीवन में उत्पन्न तनाव, उलझन, दबाव को संतुलित कर पाएंगे। शिक्षक अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए तकनीकों और अभ्यासों को खोज और पहचान पाएंगे। व्यक्तिगत और व्यावसायिक वृद्धि के साथ पारस्परिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से रेसिलिएंस, अंतर्निर्भरता और भावनात्मक संज्ञान से परिचय और अभ्यास कर पाएंगे।

समाहरणालय सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अधिकारी योगेंद्र सिंह ने की। उक्त कार्यक्रम शिक्षा विभाग और क्षमतालय फॉउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों से आए हुए 150 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम में समस्तीपुर जिला अधिकारी योगेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मदन राय, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मानवेन्द्र कुमार राय, क्षमतालय फॉउंडेशन के संस्थापक विवेक कुमार, व क्षमतालय फॉउंडेशन से अभिषेक कुमार, पूजा कुमारी व शिक्षा विभाग के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

जिला अधिकारी योगेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी कार्य की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हमें अपने खुद के ताकत व क्षमता पर कितना भरोशा है। हम किसी समस्या को किस नजरियों से देखते है यह स्वयं पर निर्भर करता है। शिक्षक कोई भी काम करें लेकिन उनका मुख्य कार्य बच्चों के जीवन में बदलाव लाना हैं, यह बदलाव तभी आएगा जब शिक्षक अपने काम को पूरी जागरूकता और करुणा के साथ करेंगे।

सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मदन राय ने कहा कि हमें अच्छे से इस प्रोग्राम में भागीदारी निभानी है, जिससे इसकी समझ मजबूत हो पायें और हम इसके सीख को अपने दैनिक जीवन में लागू कर पायें। जिला कार्यक्रम अधिकारी मानवेन्द्र राय ने, जिला अधिकारी और सभी शिक्षकों को बताया कि पहले चरण में 150 शिक्षक इस प्रोग्राम का अनुभव करने वाले हैं।

उद्देश्य यह है कि इन शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाये, जिससे ये जिले के बाकी शिक्षकों को प्रशिक्षित कर पायें।
विवेक जी ने शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और खुद के प्रति स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला। पूजा जी ने सभी शिक्षकों को आने वाले 21 दिन कैसे दिखेंगे और WHO के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कि परिभाषा पर बातचीत किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला के समाहरणालय सभाकक्ष में किया गया।






