मरीज के परिजनों ने लगाया आरोप, कहा समय पर नही मिला ऑक्सीजन
सहरसा। बिहार के सदर अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया, ताकि भर्ती मरीजो को ऑक्सीजन मिल सके। विडंबना यह है कि ऑक्सीजन प्लांट के बावजूद मरीज की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हो रही। ताजा मामला सहरसा सदर अस्पताल का है। सदर अस्पताल के आईसीयू में सोमवार को भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। पीड़ित बरियाही निवासी मनी आलम पिछले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। बुजुर्ग मरीज के परिजनों द्वारा अस्पताल के आईसीयू में रख कर इलाज कराया जा रहा था। जहां आक्सीजन के अभाव में मरीज की मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि आक्सीजन सिलेंडर का नट खुलने में देरी होने के कारण मरीज को समय पर ऑक्सीजन नही मिला जिसके कारण उसकी मौत हो गई। अगर सही समय पर आक्सीजन सिलेंडर का नट खुलता तो मरीज को आक्सीजन मिलता और उसकी जान बच सकती थी। मरीज की मौत बाद परिजनों ने हंगामा तो नहीं किया लेकिन आईसीयू की व्यवस्था पर सवाल खड़े गए। इससे पहले भी कई मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खडे किए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना था कि सदर अस्पताल सहरसा को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। मरीजों के लिए अलग से वेटिंग एरिया विकसित किया गया। गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू है।एक्स-रे से लेकर डायलिसिस तक की सुविधा मिल रही है। सिविल सर्जन डॉ केके मधुप ने बताया कि ऑक्सिजन बदलने में दो मिनट समय लगता है। परिजन का आरोप गलत है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।







