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Doorbeen News Desk: मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शनिवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अक्टूबर माह के चौथे शनिवार को आयोजित इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ ही यातायात संकेतों की पहचान, सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के उपाय तथा सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में छोटी उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता की भावना विकसित करना था, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकें। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में बच्चों को बताया गया कि सड़क पर चलते समय थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को समझाया कि सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखकर वाहनों की आवाजाही का आकलन करना जरूरी है।

सड़क पार करने के लिए निर्धारित स्थान, जेब्रा क्रॉसिंग अथवा सुरक्षित रास्ते का उपयोग करना चाहिए। तेज रफ्तार से आती गाड़ियों के सामने अचानक सड़क पार करने से बचना चाहिए। बच्चों को यह भी बताया गया कि सड़क पर खेलना, दौड़ते हुए सड़क पार करना तथा चलते वाहनों के बीच से निकलना खतरनाक हो सकता है। सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न यातायात संकेतों की पहचान कराई गई। शिक्षकों ने संकेतों के महत्व को समझाते हुए बताया कि सड़क पर लगे संकेत वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन में मदद करते हैं।

लाल, पीली और हरी बत्ती के अर्थ तथा उनका पालन करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। बच्चों को बताया गया कि लाल बत्ती होने पर रुकना, पीली बत्ती पर सावधान रहना और हरी बत्ती होने पर यातायात की स्थिति देखकर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सड़क पार करने से संबंधित मॉक ड्रिल भी कराई गई। इसके माध्यम से बच्चों को व्यावहारिक रूप से समझाया गया कि सड़क पार करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें सड़क के दोनों ओर देखने, वाहनों की दूरी का आकलन करने और सुरक्षित होने पर ही आगे बढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी परखी गई। इस दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यातायात नियमों से संबंधित सवालों के जवाब दिए। शिक्षकों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। बच्चों को घर और विद्यालय के आसपास सड़क पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि साइकिल चलाते समय संतुलन बनाए रखना, सड़क के किनारे निर्धारित दिशा में चलना और व्यस्त सड़कों पर बड़ों की देखरेख में आवागमन करना जरूरी है।

वाहन पर यात्रा करते समय हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों के महत्व की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने अपने-अपने विद्यालयों में किया, जबकि इसका संचालन विद्यालयों के फोकल शिक्षकों के माध्यम से किया गया। शिक्षकों ने बच्चों को यातायात नियमों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा परिवार के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पूर्व बीआरपी सह एचएम बालमुकुंद सिंह, एचएम सत्यनारायण आर्य, अरुण पासवान, सुभाष सिंह, संतोष कुमार, नीलू कुमारी, रामनाथ पंडित, हीरानंद झा, अवधेश चौधरी, मदन कुमार, सरिता कुमारी, मोहम्मद अब्दुल्ला, मोहम्मद जैनुद्दीन, प्रमोद पासवान, प्रदीप कुमार, उमेश प्रसाद राय, राजकुमार राय, शांति भूषण, पिंकी कुमारी, बिहारी दास, देवानंद कामत, मृत्युंजय राय और राजकुमार मुखिया सहित विभिन्न विद्यालयों के एचएम एवं शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम को बच्चों के लिए उपयोगी बताते हुए सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता को नियमित रूप से बढ़ावा देने पर जोर दिया।

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