वारिसनगर से टिकट नहीं मिलने पर जन सुराज में फूटा असंतोष, डॉ. गोविंद के समर्थकों ने किया जोरदार प्रदर्शन, प्रशांत किशोर का पुतला फूंका

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वारिसनगर से टिकट नहीं मिलने पर जन सुराज में फूटा असंतोष, डॉ. गोविंद के समर्थकों ने किया जोरदार प्रदर्शन, प्रशांत किशोर का पुतला फूंका

Doorbeen News Desk: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी द्वारा प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी के अंदर गहरी नाराजगी सामने आने लगी है। वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र संख्या 139 सीट से संभावित उम्मीदवार माने जा रहे शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत परसा पंचायत के सरहिला गांव निवासी एवं वर्तमान प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार को टिकट नहीं दिए जाने पर उनके समर्थकों ने उग्र प्रदर्शन किया।

सोमवार को जैसे ही जन सुराज पार्टी की ओर से दूसरी सूची जारी हुई, समर्थकों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरहिला गांव स्थित जन सुराज कार्यालय मे बैनर पोस्टर को कार्यकर्ताओं द्वारा चिरफाड किया गया।उन्होंने जन सुराज के प्रचार सामग्री, पोस्टर-बैनर और पार्टी कार्ड को आग के हवाले कर दिया।

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का पुतला फूंकते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि डॉ. गोविंद कुमार ने विगत कई महीनों से वारिसनगर क्षेत्र में अथक परिश्रम कर जन सुराज की विचारधारा को घर-घर पहुंचाया। हजारों लोगों को पार्टी से जोड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टिकट नहीं देकर पार्टी ने न सिर्फ मेहनत का अपमान किया है।बल्कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी आहत किया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।

और इसमें आर्थिक लेनदेन की बू आ रही है। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब मेहनत और समर्पण के बावजूद ईमानदार व्यक्ति को मौका नहीं मिलेगा, तो पार्टी किस सिद्धांत की बात कर रही है।डॉ. गोविंद कुमार ने स्वयं मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बीते कई महीनो से अधिक समय से वारिसनगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। हजारों युवाओं, किसानों, महिलाओं को जोड़ा गया। लेकिन टिकट की घोषणा में उनकी अनदेखी से साफ है कि पार्टी की कथनी और करनी में फर्क है।

उन्होंने कहा, “मेरे साथ हजारों की संख्या में कार्यकर्ता पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। हम लोग विधानसभा चुनाव में जन सुराज के प्रत्याशी का खुलकर विरोध करेंगे। हमारी मेहनत और जनसमर्थन का जवाब हमें जनता के बीच मिलेगा, न कि बंद कमरे में तय की गई सूची से। इस घटनाक्रम के बाद जन सुराज के भीतर गुटबाजी और असंतोष खुलकर सामने आ गया है।