डिजिटल क्रॉप सर्वे से हो रहा फसल का सर्वेक्षण, डीसीएस एप के माध्यम से पता लगेगा कितना लगा है फसल

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डिजिटल क्रॉप सर्वे से हो रहा फसल का सर्वेक्षण, डीसीएस एप के माध्यम से पता लगेगा कितना लगा है फसल

Doorbeen News Desk: अब कृषि विभाग खेती में लगे फसल के आकलन के लिए अत्याधुनिक सुविधा अपना रहा है। इसके तहत कृषि विभाग के द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे बनाया गया है। इसके द्वारा खेतों में लगे फसल का सही-सही आकलन किया जा सके। समस्तीपुर जिला में 5 लाख हेक्टेयर में यह सर्वे होना है, जबकि लगभग 33 हजार हेक्टेयर में सर्व काम हो चुका है।

इस कार्य योजना को धरातल पर लाने के लिए विभाग ने कृषि समन्यवक, किसान सलाहकार, एटीएम, बीटीएम (ब्लॉक टेक्निकल मैनेजर) को जवाबदेही दी है। इन लोगों के कार्यों के लिए मोबाइल ऐप पर प्लाट का वितरण किया गया है। किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक अपने मोबाइल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप को डाउनलोड करेंगे। एप के खोलने के बाद इसे प्लॉट नंबर आएगा।

जिस पर क्लिक करने के बाद संबंधित राजस्व गांव का नाम आएगा। फिर उसे गांव के प्लॉट का मानचित्र मोबाइल पर आ जाएगा। जिसे लोकेशन के आधार पर इन लोगों को खोजना है। खोजने के बाद मोबाइल ऐप पर ही संबंधित खेत का में लगे संबंधित प्लॉट में लगे फसलों का ब्यौरा लिखना है एवं उसे सबमिट करना है। प्रत्येक प्रखंड में एक एक नोडल अफसर बनाया गया है।

झूठी रिपोर्ट पर लगेगा अंकुश: बाढ़ व सुखार के समय किसानों के बर्बाद हुई फसलों की सही-सही आकलन इस ऐप के माध्यम से होगा। अब झूठी रिपोर्ट अंकित करना मुश्किल होगा। इससे झूठी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकती है। बता दे की बाढ़ व सुखार के समय किसान अपनी-अपने खेत में फसलों का ब्यौरा देते हैं और मुआवजा के लिए फसल के बर्बादी होने का दावा करते हैं। विभाग अब इस ऐप के माध्यम से सही-सही जानकारी ले सकेगा। साथ ही कृषि विभाग को भी यह आकलन होगा की कौन से फसलों का कितने एकड़ में लगा है।

‘समस्तीपुर जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू हो गया है। अब तक 33 हजार हेक्टर में सर्वे काम पूरा कर लिया गया है। जिले में 5 लाख से अधिक हेक्टेयर में इस काम को पूरा करना है। इस विभाग को सही-सही फसलों का आकलन आएगा।’

– सुमित सौरभ, डीएओ, समस्तीपुर