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बिहार पुलिस ने किया सामाजिक सद्भाव विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन
दूरबीन न्यूज डेस्क। आतंकवाद निरोधक दस्ता, बिहार द्वारा बिहार उर्दू अकादमी के उर्दू भवन में सामाजिक सद्भाव विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए ‘इल्म की अहमियत’ एवं ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषयक पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और सबसे बेहतर निबंध लिखने वाले 14 छात्रों को प्रोत्साहन के रूप में पुलिस उप-महानिरीक्षक, आतंकवाद निरोधक दस्ता द्वारा सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत ‘सामाजिक सद्भाव’ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के महत्व, सामाजिक सौहार्द और बदलते सामाजिक परिवेश में पुलिस की भूमिका पर विचार किया गया।
परिचर्चा में भाग लेने वाले मुख्य वक्ताओं के अभिकथन :-
पुलिस उप-महानिरीक्षक, आतंकवाद निरोधक दस्ता, बिहार, पटना पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था बनाये रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका काम जनता के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का भी है।
राष्ट्र निर्माण के लिए सभी को असाधारण प्रयास करने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि प्रत्येक व्यक्त्ति अपने क्षेत्र में अपने कर्तव्यों का सर्वोत्तम निर्वहन करे। भविष्य में भी ए०टी०एस० द्वारा और वृहद स्तर पर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को आयोजित किया जायेगा तथा समाज के सभी वर्गों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।

प्रो० इम्तेयाज अहमद, प्रख्यात इतिहासविद् आज से लगभग 2300 वर्ष पूर्व पाटलीपुत्र की पावन भूमि पर सम्राट अशोक द्वारा भी सामाजिक सद्भाव पर परिचर्चा की गयी थी। ये सिलसिला मध्यकाल में सूफी संतों के द्वारा आगे चलता रहा और इसी कड़ी में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गाँधी और मजहरूल हक ने सदाकत आश्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता के इस विचार को आगे बढाया। ये अनवरत चलती रहने वाली एक प्रक्रिया है, जिससे समाज में शान्ति, सद्भाव और विश्वास के वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

हजरत सैयद शाह शमीमुद्दीन अहमद मुनएमी, वर्तमान सज्जादानशीन खानकाह-ए-मुनएमिया सभी धर्मों की स्थापना का मूल उद्देश्य बुराई के विरूद्ध संघर्ष करना रहा है। छात्रों को स्मरण रखना चाहिए कि बुराई का मुकाबला बुराई से नहीं, बल्कि परस्पर प्रेम से ही सम्भव है। भाषण में मौलाना सैयद शाह मशहूद अहमद, प्रधानाचार्य, मदरसा इस्लामिया शमसुल होदा वक्ता ने ए०टी०एस० की पहल की सराहना की, जिसमें वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी बच्चों से संवाद करने आये। यह प्रयास बच्चों के लिए उत्कृष्ट रोल मॉडल स्थापित करने और उनके मन में पुलिस की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

उन्होंने निबंध प्रतियोगिता में सम्मिलित छात्रों का श्री इज़हार यूसुफ, प्राचार्य, मुस्लिम हाई स्कूल प्रोत्साहन करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति में अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो चरित्र निर्माण की नींव होती है। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, ए०टी०एस०, नगर पुलिस अधीक्षक, पटना (मध्य) एवं अन्य पुलिस अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं अभिभावक भी सम्मिलित हुए।
ए०टी०एस०, बिहार का यह प्रयास समाज में सांप्रदायिक सौहार्द, शांति एवं आपसी भाईचारे को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय कदम रहा, जिससे आमजन और पुलिस के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को और अधिक मजबूती मिलेगी





