देशव्यापी आम हड़ताल अब 9 जुलाई को, सरकार से श्रमिक हितों पर एकतरफा फैसलों से बचे

व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लीक करें

देशव्यापी आम हड़ताल अब 9 जुलाई को, सरकार से श्रमिक हितों पर एकतरफा फैसलों से बचे

दूरबीन न्यूज डेस्क। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के जिला सचिव अजय कुमार के द्वारा शुक्रवार को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया गया कि देशभर में वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने के बाद, देश के जिम्मेदार और देशभक्त नागरिकों का प्रतिनिधित्व करते हुए संयुक्त मंच ने देशव्यापी आम हड़ताल की तिथि को 20 मई से बढ़ाकर 9 जुलाई 2025 करने का निर्णय लिया है।

 

यह निर्णय श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन और श्रमिकों, किसानों तथा आम जनता की अन्य जायज मांगों के हक में लिया गया है। यह भी तय किया गया कि 20 मई को सभी राज्य की राजधानियों, जिलों, औद्योगिक क्षेत्रों और कार्यस्थलों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन व जुटान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र सेक्टोरल फेडरेशनों, संघों के संयुक्त मंच की बैठक 15 मई को नई दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारी की समीक्षा की गई थी।

इस बैठक में पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या और उसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई की पृष्ठभूमि में देश में उत्पन्न राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि देशभर के कामगारों और उनकी यूनियनों से अपील करता है कि वे आम हड़ताल की तैयारियों को और तेज करें और 9 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल को ऐतिहासिक सफलता बनाएं।

साथ ही, उन्होंने भारत सरकार से ट्रेड यूनियन आंदोलन के इस सकारात्मक रुख का सम्मान करने और श्रम संहिताओं सहित श्रमिकों की कामकाजी परिस्थितियों और अधिकारों से संबंधित अन्य जायज मुद्दों पर कोई भी एकतरफा और उकसावेपूर्ण कदम उठाने से परहेज करने की मांग की, खासकर इस कठिन समय में जब पूरा देश एकजुट होकर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।